Knews Desk– एशियन गेम्स 2026 में भारत ने पुरुषों के जैवलिन थ्रो में अपना दबदबा कायम रखते हुए दो मेडल जीते। 28 सितंबर को हुए इस इवेंट में यश वीर सिंह ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया, जबकि रोहित यादव ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। भारत ने पिछले दोनों एशियन गेम्स में भी पुरुषों के जैवलिन थ्रो में दो मेडल जीते थे। उन दोनों प्रतियोगिताओं में नीरज चोपड़ा ने गोल्ड मेडल हासिल किया था। इस बार नीरज प्रतियोगिता में नहीं थे, ऐसे में भारत की नजर दूसरे खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर थी।
नीरज की गैरहाजिरी के बावजूद यश वीर सिंह और रोहित यादव ने भारत को निराश नहीं किया। दोनों ने पोडियम फिनिश हासिल करते हुए लगातार दूसरे एशियन गेम्स में भारत के लिए इस इवेंट में दो मेडल सुनिश्चित किए। हालांकि इस बार भारत को गोल्ड मेडल नहीं मिल सका। श्रीलंका के रुमेश पथिरागे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया।इवेंट की शुरुआत में भारतीय खिलाड़ियों ने मजबूत प्रदर्शन किया। शुरुआती तीन राउंड के बाद यश वीर और रोहित दोनों पदक की स्थिति में थे। रोहित ने अपने तीसरे थ्रो में 84.31 मीटर की दूरी तय की और उस समय पहले स्थान पर पहुंच गए। इससे पहले उन्होंने अपने पहले प्रयास में 83.56 मीटर का थ्रो किया था और दूसरे स्थान पर थे। वहीं यश वीर भी लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे थे।
उस समय ऐसा लग रहा था कि भारत इस बार गोल्ड मेडल भी जीत सकता है। लेकिन रुमेश पथिरागे ने चौथे थ्रो में 88.33 मीटर की दूरी तय कर पहला स्थान हासिल कर लिया। इसके बाद उन्होंने अपनी बढ़त को बनाए रखा। रुमेश ने आखिरी थ्रो में 88.55 मीटर की दूरी तय की और गोल्ड मेडल पर कब्जा कर लिया।यश वीर ने भी इसके बाद शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने पांचवें थ्रो में 85.14 मीटर की दूरी तय की। इसके बाद अपने आखिरी प्रयास में उन्होंने 85.72 मीटर का थ्रो किया और दूसरे स्थान पर रहते हुए सिल्वर मेडल जीत लिया। यह यश वीर के करियर का अब तक का सबसे बेहतरीन थ्रो भी रहा। इससे पहले वह कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुके हैं।
वहीं रोहित यादव ने भी लगातार दूसरे एशियन गेम्स में मेडल जीतने की उपलब्धि हासिल की। पिछले एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने वाले रोहित इस बार ब्रॉन्ज मेडल जीतने में सफल रहे। उनका प्रदर्शन भी भारत के लिए अहम रहा और उन्होंने टीम को दूसरा मेडल दिलाया।दूसरी ओर पाकिस्तान के मौजूदा ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम इस प्रतियोगिता में चौथे स्थान पर रहे। उनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो 80.29 मीटर रहा। यह उनके इस सीजन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था, लेकिन वह पोडियम तक नहीं पहुंच सके।इस तरह नीरज चोपड़ा की गैरहाजिरी के बावजूद भारत ने पुरुषों के जैवलिन थ्रो में लगातार दूसरी बार दो मेडल हासिल किए। यश वीर का सिल्वर और रोहित का ब्रॉन्ज भारतीय एथलेटिक्स के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि रहा।