KNEWS DESK- दलीप ट्रॉफी के फाइनल में ईस्ट जोन के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। टीम में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को उप-कप्तान की जिम्मेदारी दी गई थी। हालांकि, उन्हें टीम के कई अन्य खिलाड़ियों के मुकाबले कम मैच फीस मिली। इसकी वजह उनका फर्स्ट क्लास क्रिकेट का अनुभव है।
BCCI ने मैच फीस के लिए बनाई हैं 3 कैटेगरी
यहां खिलाड़ियों की सैलरी से मतलब उनकी मैच फीस से है। BCCI खिलाड़ियों को फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनके अनुभव के आधार पर अलग-अलग कैटेगरी में भुगतान करता है। 41 या उससे ज्यादा फर्स्ट क्लास मैच खेल चुके खिलाड़ियों को सबसे ज्यादा मैच फीस मिलती है। वहीं 21 से 40 मैच खेलने वाले खिलाड़ी दूसरी कैटेगरी में और 0 से 20 मैच खेलने वाले खिलाड़ी तीसरी कैटेगरी में आते हैं।

किस कैटेगरी में कितनी मैच फीस?
BCCI के मौजूदा भुगतान ढांचे के मुताबिक खिलाड़ियों को फर्स्ट क्लास मैच के दौरान प्रतिदिन इस हिसाब से फीस मिलती है:
- 41+ फर्स्ट क्लास मैच: ₹60,000 प्रतिदिन
- 21-40 फर्स्ट क्लास मैच: ₹50,000 प्रतिदिन
- 0-20 फर्स्ट क्लास मैच: ₹40,000 प्रतिदिन
इसी व्यवस्था की वजह से वैभव सूर्यवंशी की मैच फीस टीम के कुछ अनुभवी खिलाड़ियों से कम रही।

वैभव समेत 3 खिलाड़ियों को मिले ₹40 हजार
ईस्ट जोन की फाइनल प्लेइंग इलेवन में शामिल वैभव सूर्यवंशी, शिखर मोहन और मोहम्मद कुनैन कुरैशी के पास 0 से 20 फर्स्ट क्लास मैचों का अनुभव है। इसलिए इन तीनों को ₹40,000 प्रतिदिन के हिसाब से मैच फीस मिली। यानी उप-कप्तान होने के बावजूद वैभव की फीस कप्तानी या उप-कप्तानी की वजह से तय नहीं हुई, बल्कि उनके फर्स्ट क्लास अनुभव के आधार पर तय हुई।

7 खिलाड़ियों को मिले ₹60 हजार प्रतिदिन
ईस्ट जोन की प्लेइंग XI में शामिल बाकी खिलाड़ियों में से अभिमन्यु ईश्वरन, सुदीप कुमार घरामी, ईशान किशन, मोहम्मद शमी, अनुकूल रॉय, अभिजीत सरकार और मुकेश कुमार को 41 या उससे ज्यादा फर्स्ट क्लास मैच खेलने के कारण ₹60,000 प्रतिदिन की मैच फीस मिली। वहीं कुमार कुशाग्र 21 से 40 मैच वाली कैटेगरी में आते हैं, इसलिए उन्हें ₹50,000 प्रतिदिन की फीस मिली।
इस तरह ईस्ट जोन के फाइनल मुकाबले में खिलाड़ियों की मैच फीस उनके पद से ज्यादा उनके फर्स्ट क्लास क्रिकेट के अनुभव पर निर्भर रही।