CWG 2026: भारतीय सेना के जवान सर्वेश कुशारे ने रचा इतिहास, हाई जंप में जीता ऐतिहासिक सिल्वर

Knews Desk- ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के स्टार हाई जंपर सर्वेश कुशारे ने ऐसा इतिहास रच दिया, जो इससे पहले कोई भारतीय नहीं कर पाया था। 31 वर्षीय एथलीट ने 2.25 मीटर की शानदार छलांग लगाकर पुरुष हाई जंप स्पर्धा में रजत पदक (सिल्वर मेडल) अपने नाम किया। इसके साथ ही वह कॉमनवेल्थ गेम्स के पुरुष हाई जंप इवेंट में सिल्वर जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि ग्लासगो 2026 सर्वेश कुशारे का कॉमनवेल्थ गेम्स में पहला ही मुकाबला था।महाराष्ट्र के नासिक जिले के देवगांव में जन्मे सर्वेश कुशारे की सफलता के पीछे वर्षों की मेहनत और संघर्ष छिपा है। स्कूल के दिनों में उनके फिजिकल एजुकेशन शिक्षक रावसाहेब जाधव ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और उन्हें हाई जंप की ओर प्रेरित किया। धीरे-धीरे सर्वेश ने इस खेल में अपनी अलग पहचान बनानी शुरू कर दी। उनकी सफलता ने सिर्फ उनके करियर को नहीं बदला, बल्कि उनके गांव और आसपास के इलाकों के कई युवाओं को भी नई दिशा दी।

सर्वेश की उपलब्धियों से प्रेरित होकर दर्जनों युवाओं ने हाई जंप और एथलेटिक्स को अपनाया। कई युवाओं का लक्ष्य खेल कोटे के जरिए सरकारी नौकरी हासिल कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाना था। इस तरह सर्वेश सिर्फ एक सफल खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन गए।साल 2016 में सर्वेश कुशारे ने भारतीय सेना जॉइन की। उन्हें 101 फील्ड रेजिमेंट में नायब सूबेदार के पद पर नियुक्त किया गया। सेना की नौकरी ने उन्हें आर्थिक स्थिरता के साथ-साथ खेल पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करने का अवसर दिया। भारतीय सेना लंबे समय से खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करती रही है और सर्वेश इसका बेहतरीन उदाहरण हैं।

अगर उनके एथलेटिक्स करियर पर नजर डालें तो सर्वेश लगातार सफलता की नई ऊंचाइयों को छूते रहे हैं। उन्होंने 2019 दक्षिण एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद 2023 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में रजत पदक हासिल किया। हाल ही में उन्होंने 2.31 मीटर की छलांग लगाकर तेजस्विन शंकर का आठ साल पुराना 2.30 मीटर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। इसके अलावा डायमंड लीग में अपने डेब्यू में उन्होंने 2.26 मीटर की छलांग लगाकर तीसरा स्थान हासिल किया था।

अब कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल जीतकर सर्वेश ने अपने शानदार प्रदर्शन की एक और मिसाल पेश की है। उनकी यह उपलब्धि भारतीय एथलेटिक्स के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे न केवल भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है, बल्कि आने वाले वर्षों में हाई जंप जैसे इवेंट में युवा खिलाड़ियों का उत्साह भी बढ़ेगा।zसर्वेश कुशारे की कहानी बताती है कि प्रतिभा, मेहनत और अनुशासन के साथ यदि सही मार्गदर्शन और अवसर मिल जाए, तो कोई भी खिलाड़ी विश्व मंच पर देश का नाम रोशन कर सकता है। भारतीय सेना के इस जवान ने अपने प्रदर्शन से यह साबित कर दिया है कि ऊंची उड़ान भरने के लिए सिर्फ ऊंची छलांग ही नहीं, बल्कि मजबूत इरादों की भी जरूरत होती है।

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