Knews Desk- इंग्लैंड दौरे पर पाकिस्तानी क्रिकेट टीम लगातार विवादों में बनी हुई है। लॉर्ड्स टेस्ट में करारी हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने टीम में बड़े बदलाव किए हैं। हालांकि, अब इन बदलावों को लेकर खुद कप्तान बाबर आजम के बयान ने बोर्ड के कामकाज और टीम में कप्तान की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं।इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच टेस्ट सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला 9 सितंबर से बर्मिंघम के एजबेस्टन क्रिकेट ग्राउंड में खेला जा रहा है। पाकिस्तान पहले ही सीरीज में 0-2 से पिछड़ चुका है। ऐसे में उसके लिए आखिरी टेस्ट मैच अपनी साख बचाने का मौका है। इस मुकाबले से पहले पाकिस्तान के स्क्वॉड में कई बड़े बदलाव किए गए।
लॉर्ड्स टेस्ट में हार के बाद PCB ने मोहम्मद रिजवान, इमाम उल हक, सलमान आगा समेत कुल सात खिलाड़ियों को स्क्वॉड से बाहर कर दिया। इन खिलाड़ियों की जगह सात नए खिलाड़ियों को इंग्लैंड भेजा गया। टीम में हुए इतने बड़े बदलाव ने क्रिकेट फैंस को भी हैरान कर दिया।हालांकि, सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि इन बदलावों की जानकारी कप्तान बाबर आजम को भी पहले से नहीं थी। बर्मिंघम टेस्ट से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब बाबर से टीम में किए गए बदलावों को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने साफ किया कि उन्हें भी इस फैसले की जानकारी बाद में मिली।
बाबर आजम ने कहा, “मेरे लिए भी ये एक तरह से खबर ही थी, मुझे बाद में इसके बारे में पता चला। PCB ने ये फैसला किया है, इसलिए वो इसे बेहतर तरीके से समझा सकते हैं।”बाबर का यह बयान सामने आने के बाद पाकिस्तानी क्रिकेट में कप्तान की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आमतौर पर टीम के चयन और खिलाड़ियों से जुड़े फैसलों में कप्तान और कोच से सलाह-मशविरा किया जाता है। लेकिन अगर कप्तान को ही टीम में इतने बड़े बदलावों की जानकारी बाद में मिले, तो बोर्ड और टीम मैनेजमेंट के बीच तालमेल पर सवाल उठना स्वाभाविक है।यह मामला इसलिए भी अहम है क्योंकि पाकिस्तान पहले ही टेस्ट सीरीज में 0-2 से पिछड़ चुका है। ऐसे में टीम में अचानक इतने बदलाव खिलाड़ियों के प्रदर्शन और टीम के संतुलन पर भी असर डाल सकते हैं। कुछ नए खिलाड़ियों को इस मुकाबले में डेब्यू का मौका मिल सकता है, जबकि कुछ खिलाड़ी लंबे समय बाद टीम में वापसी कर रहे हैं।
बाबर आजम के बयान ने PCB प्रमुख मोहसिन नकवी और चयन समिति की भूमिका को लेकर भी चर्चा तेज कर दी है। सवाल यह है कि क्या टीम चयन में बोर्ड का सीधा दखल है या फिर चयन समिति अपने स्तर पर फैसले ले रही है? फिलहाल इन सवालों का स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है।अब बाबर आजम के सामने बदली हुई टीम के साथ इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी टेस्ट में बेहतर प्रदर्शन करने की चुनौती है। पाकिस्तान के लिए यह मुकाबला सिर्फ सीरीज बचाने का नहीं, बल्कि टीम के भीतर चल रही उठापटक के बीच अपनी साख कायम करने का भी मौका है।