Knews Desk- Ashadh Month Festivals 2026: सनातन धर्म में आषाढ़ माह का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। यह महीना भगवान विष्णु की आराधना, जप, तप और दान-पुण्य के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। साल 2026 में हिंदी पंचांग के अनुसार आषाढ़ माह की शुरुआत 30 जून से हो रही है। इसी महीने भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, गुप्त नवरात्रि, देवशयनी एकादशी, चातुर्मास और गुरु पूर्णिमा जैसे कई महत्वपूर्ण पर्व मनाए जाएंगे।धार्मिक मान्यता के अनुसार आषाढ़ शुक्ल एकादशी के दिन भगवान विष्णु चार माह के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं। इसी के साथ चातुर्मास का आरंभ होता है। इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और अन्य मांगलिक कार्यों को शुभ नहीं माना जाता। आइए जानते हैं आषाढ़ माह 2026 के पांच प्रमुख व्रत और त्योहारों के बारे में।
1. योगिनी एकादशी (10 जुलाई 2026)
आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को योगिनी एकादशी का व्रत रखा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की विधिवत पूजा करने और व्रत रखने का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यता है कि योगिनी एकादशी का व्रत करने से पापों का नाश होता है और व्यक्ति को सुख-समृद्धि तथा मोक्ष की प्राप्ति होती है। वर्ष 2026 में यह व्रत 10 जुलाई को रखा जाएगा।
2. भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा (16 जुलाई 2026)
आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि से भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा प्रारंभ होती है। इस यात्रा में भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ भव्य रथों पर नगर भ्रमण करते हैं। मान्यता है कि रथ की रस्सी खींचने से जन्म-जन्मांतर के पाप समाप्त होते हैं और भगवान का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस वर्ष रथयात्रा 16 जुलाई से शुरू होकर 24 जुलाई तक चलेगी।
3. गुप्त नवरात्रि (15 जुलाई से 23 जुलाई 2026)
आषाढ़ माह में पड़ने वाली गुप्त नवरात्रि तंत्र साधना और देवी उपासना के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के दस महाविद्या स्वरूपों की विशेष पूजा की जाती है। साधक इस दौरान मंत्र जाप, हवन और विशेष साधनाएं करते हैं। वर्ष 2026 में गुप्त नवरात्रि 15 जुलाई से शुरू होकर 23 जुलाई तक रहेगी।
4. देवशयनी एकादशी और चातुर्मास प्रारंभ (25 जुलाई 2026)
आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवशयनी एकादशी मनाई जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी दिन भगवान विष्णु क्षीरसागर में चार महीने के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं और चातुर्मास का शुभारंभ होता है। इस अवधि में धार्मिक साधना, व्रत, कथा और भजन-कीर्तन का विशेष महत्व होता है, जबकि मांगलिक कार्यों से परहेज किया जाता है। वर्ष 2026 में देवशयनी एकादशी 25 जुलाई को मनाई जाएगी।
5. गुरु पूर्णिमा (29 जुलाई 2026)
आषाढ़ माह की पूर्णिमा गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाई जाती है। यह दिन गुरु के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का पर्व है। इस अवसर पर महर्षि वेदव्यास का पूजन भी किया जाता है, इसलिए इसे व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है। विद्यार्थी, शिष्य और श्रद्धालु अपने गुरु का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। इस वर्ष गुरु पूर्णिमा 29 जुलाई को मनाई जाएगी।
आषाढ़ माह का धार्मिक महत्व
आषाढ़ माह को आध्यात्मिक साधना का महीना माना जाता है। इस दौरान भगवान विष्णु की पूजा, मंत्र जाप, दान-पुण्य, सत्संग और धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष फल मिलता है। चातुर्मास के आरंभ के कारण यह समय आत्मचिंतन, संयम और भक्ति के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इसलिए सनातन धर्म में आषाढ़ माह को धार्मिक दृष्टि से सबसे पवित्र महीनों में से एक माना गया है।