आस्था की महायात्रा,एक करोड़ के पार ! 

उत्तराखंड डेस्क रिपोर्ट, देवभूमि उत्तराखंड की धर्मनगरी हरिद्वार इन दिनों आस्था के रंग में रंगी है. हर-हर महादेव के जयघोष और बोल बम के नारों के बीच एक करोड़ से ज्यादा कांवड़िए गंगाजल लेकर अपने गंतव्य के लिए रवाना हो चुके हैं. श्रद्धालुओं का कारवां लगातार बढ़ रहा है और हरिद्वार से लेकर शिवालयों तक रौनक देखते ही बन रही है. कावड़ यात्रा को लेकर राज्य सरकार दावा कर रही है कि कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए हर स्तर पर इंतजाम किए गए हैं. सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद है, यातायात के लिए विशेष प्लान लागू है, ड्रोन से निगरानी हो रही है और डीजे व साउंड सिस्टम के लिए मानकों का पालन कराया जा रहा है. सरकार का कहना है कि पिछले साल के मुकाबले इस बार ज्यादा श्रद्धालु आएंगे और उन्हें बेहतर अनुभव मिलेगा. वही इन तैयारियों के बीच सवाल ये भी है कि यात्रा शुरू हुए महज कुछ ही दिन हुए हैं और इसी बीच शिवभक्तों की आड़ में कुछ अराजक तत्वों की झगड़ो व उपद्रव की हरकतें सामने आई हैं. जिसके बाद घटनाओं ने कांवड़ यात्रा की छवि धूमिल करने की कोशिश तो की ही है वही विपक्ष को सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाने का मौका दे दिया है. विपक्ष का मानना है कि हर बार सरकार कई दावे कावड़ यात्रा में सुरक्षा, यातायात व सुविधाओं को लेकर करती है लेकिन हर बार इसी प्रकार की घटनाएं सामने आती है जो कानून व्यवस्था व कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते है. जिसके चलते आपसी तंज व पलटवार देखने को मिल रहा है.

उत्तराखंड की धर्मनगरी हरिद्वार इन दिनों कांवड़ यात्रा से पूरी तरह शोर बोर है. अब तक एक करोड़ से ज्यादा कांवड़िए गंगाजल लेकर रवाना हो चुके हैं और हर दिन यह आंकड़ा बढ़ रहा है. सड़कों पर कांवड़ियों का सैलाब और शिवालयों में भक्तों की भीड़ यात्रा के चरम पर पहुंचने का संकेत दे रही है. राज्य सरकार ने दावा किया है कि इस बार इंतजाम पिछले साल से बेहतर हैं. सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है, ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए विशेष योजना बनाई गई है. कावड़ यात्रा को लेकर गाइडलाइंस का पालन कराया जा रहा है. सरकार का कहना है कि श्रद्धालुओं को हर सुविधा मिले, ये प्राथमिकता है।लेकिन यात्रा शुरू होने के 5-6 दिन के अंदर ही कुछ स्थानों से अराजकता और विवाद की खबरें आईं। जिसमें बात करे तो हरिद्वार के गोल्डन ढाबा फ्लाईओवर के पास कावड़ियों की आपसी टककर के बाद मारपीट और बड़ा विवाद हो जाना, इसके बाद हरिद्वार के बहादराबाद में कावड़िये की तबियत बिगड़ने के दौरान मालिश करने वाले को बेवजह कावड़ियों की भीड़ द्वारा पीट देना, इन घटनाओ से विपक्ष ने इसे सरकार की तैयारियों में खामी बताते हुए सवाल खड़े किए हैं. यही नही बल्कि यातायात व ट्रैफिक  सम्बन्धित बातो को लेकर भी विपक्ष सरकार को घेरता दिख रहा है, विपक्ष का कहना है कि आगे आने वाले दिनों में भीड़ और बढ़ेगी, ऐसे में सरकार अपने दावों को हकीकत में कितना बदल पाती है ये बड़ा सवाल है. जिस पर सत्ता पक्ष की भी प्रतिक्रिया सामने आ रही है.

आस्था और आस्था के साथ जुड़ी व्यवस्था, दोनों का तालमेल ही कांवड़ यात्रा की सफलता तय करेगा. एक करोड़ से ज्यादा कांवड़ियों का हुजूम और आगे बढ़ने वाली भीड़ इस बात की गवाह है कि श्रद्धा कितनी गहरी है. लेकिन श्रद्धा के साथ-साथ सुरक्षा और अनुशासन भी उतने ही जरूरी हैं. सरकार ने सुरक्षा, ट्रैफिक और निगरानी के बड़े-बड़े दावे किए हैं, अब जरूरत है इन दावों को जमीन पर उतारने की.  कुछ अराजक तत्वों की वजह से पूरे पर्व की छवि खराब न हो, इसके लिए सख्त कार्रवाई और निरंतर निगरानी जरूरी है. साथ ही श्रद्धालुओं से भी अपील है कि वे नियमों का पालन करें और यात्रा को शांतिपूर्ण रखें. जिससे हरिद्वार से निकला हर कांवड़िया सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंचे साथ ही यह कावड़ यात्रा भव्य, दिव्य और शांतिपूर्ण बने. जिसका जवाब आने वाले दिनों में व्यवस्थाओं और व्यवहार दोनों से मिलेगा।

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