Knews Desk– दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है। कांग्रेस की छात्र इकाई नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) आज राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन कर रही है। संगठन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग कर रहा है।
NSUI की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक, यह प्रदर्शन वोट चोरी के मुद्दे और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर आयोजित किया जा रहा है। प्रदर्शन दोपहर करीब 12 बजे नई दिल्ली स्थित NSUI मुख्यालय, 5 रायसीना रोड पर किया जा रहा है। संगठन ने इसे प्रतीकात्मक और रचनात्मक विरोध बताया है। पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विभिन्न संगठनों और विपक्षी दलों की ओर से प्रदर्शन किए जा रहे हैं। NSUI ने भी चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठाई है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुरुषों और महिलाओं को “पुलिस ड्यूटी पर” लिखी बड़ी प्राइवेट बसों में ले जाया गया। हिरासत में लेते समय प्रदर्शनकारियों को घसीटा गया, उठाया गया और उनके साथ धक्का-मुक्की की गई। एक जगह महिला पुलिसकर्मियों को महिला प्रदर्शनकारियों के पैर पकड़कर उन्हें हिरासत वाली गाड़ियों में ले जाते हुए देखा गया। दूसरी जगह पुलिसकर्मियों को एक पुरुष प्रदर्शनकारी का सिर नीचे दबाकर उसे बस में धकेलते हुए देखा गया।
इस प्रदर्शन में विपक्षी पार्टियों के नेताओं, सिविल सोसाइटी के कार्यकर्ताओं और युवा व छात्र संगठनों के सदस्यों समेत हजारों लोगों ने हिस्सा लिया। इसे देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए।
4 अक्टूबर 2026 को रविवार के दिन दिल्ली में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ। प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर जाना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने रास्ता बंद कर रखा था। अशोक रोड पर पुलिस ने मार्च रोक दिया और लगभग 500 लोगों को हिरासत में ले लिया। पुलिस का कहना है कि 110 लोग पकड़े गए हैं। लोगों को 10-15 बसों में भरकर ले जाया गया। इनमें एक महिला पत्रकार भी थीं, जिन्होंने बताया कि शनिवार को प्रदर्शन की खबर बनाते समय एक पुलिसकर्मी ने उनके साथ गलत व्यवहार और यौन उत्पीड़न किया था।