डिजिटल डेस्क- उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू स्थित गुरुद्वारे में उपजा गंभीर विवाद तीसरे दिन भी जारी है। हालांकि प्रशासन का दावा है कि निहंगों के साथ चल रही बातचीत सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है, लेकिन 36 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद गतिरोध पूरी तरह समाप्त नहीं हो सका है। गुरुद्वारे में उत्पन्न तनावपूर्ण स्थिति को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस की टीमें लगातार मौके पर डटी हुई हैं प्राप्त जानकारी के अनुसार, छह निहंग सिख पिछले तीन दिनों से गुरुद्वारे की तीसरी और चौथी मंजिल पर जमे हुए हैं। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने गुरुद्वारे के दो सेवादारों को बंधक बना लिया और उनके साथ अभद्र व्यवहार व मारपीट की। इसके अलावा परिसर में खुलेआम हथियार लहराने और आसपास के रिहायशी घरों की ओर छत से ईंटें फेंकने जैसी हिंसक घटनाएं भी सामने आई हैं। इन हरकतों की वजह से स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं के बीच भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
गिरफ्तार साथियों को रिहा करने की जिद पर अड़े निहंग
इस पूरे विवाद की मुख्य वजह 16 जून को कर्णप्रयाग में हुई तलवारबाजी की एक घटना को बताया जा रहा है। उस घटना के सिलसिले में पुलिस ने चार निहंग सिखों को गिरफ्तार किया था। शनिवार से ही गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिल पर मोर्चा संभाले ये निहंग अपने गिरफ्तार साथियों की बिना शर्त रिहाई की मांग पर अड़े हुए हैं। अपनी इसी मांग को लेकर उन्होंने गुरुद्वारे के भीतर यह गतिरोध पैदा किया है।
मौके पर भारी पुलिस बल और आईटीबीपी के जवान तैनात
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस और आईटीबीपी (ITBP) की संयुक्त टीमें मौके पर तैनात की गई हैं। पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है और हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि निहंगों की मांगों को समझने और मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकालने के लिए अब तक कई दौर की वार्ता हो चुकी है। किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को टालने के लिए पुलिस बल बेहद संयम से काम ले रहा है।
प्रशासन को आज समाधान की उम्मीद, अफवाहों से बचने की अपील
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि कल निहंग सरदारों के साथ हुई बातचीत काफी हद तक सकारात्मक रही थी, लेकिन चूंकि वे अभी भी गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिलों पर मौजूद हैं, इसलिए स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं कही जा सकती। प्रशासन को पूरी उम्मीद है कि आज होने वाली अंतिम दौर की वार्ता से इस गतिरोध का पूर्ण समाधान निकल जाएगा। वहीं, स्थानीय अधिकारियों ने आम जनता से शांति बनाए रखने और सोशल मीडिया पर फैलने वाली किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।