डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। शहर कोतवाली परिसर में रविवार देर रात एक दुष्कर्म पीड़िता ने न्याय न मिलने से क्षुब्ध होकर खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास कर लिया। आग की लपटों में घिरी महिला सीधे कोतवाली प्रभारी के कक्ष की ओर दौड़ पड़ी, जिससे पूरे थाने में हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने किसी तरह कंबल और पानी की मदद से आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक महिला गंभीर रूप से झुलस चुकी थी।
दुष्कर्म आरोपी के खिलाफ चार्जशीट, लेकिन गिरफ्तारी न होने से थी परेशान
किरतपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 25 वर्षीय पीड़ित महिला एक रेसलर (पहलवान) है। उसने एक युवक के खिलाफ दुष्कर्म के गंभीर आरोपों में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोपी युवक भारतीय सेना में सिपाही बताया जा रहा है। हालांकि स्थानीय पुलिस ने इस मामले में जांच पूरी कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी, लेकिन शातिर आरोपी ने माननीय हाईकोर्ट से अपनी गिरफ्तारी पर स्टे (राहत) ले लिया था। इसी बात को लेकर पीड़िता और उसके परिजन लंबे समय से आरोपी की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
कोतवाली में पुलिसकर्मी से बातचीत के दौरान उठाया खौफनाक कदम
रविवार रात करीब 11 बजे तक जब मामले में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई, तो पीड़िता का धैर्य जवाब दे गया। कोतवाली परिसर में मौजूद एक पुलिसकर्मी से बातचीत करने के बाद युवती ने अचानक अपने पास मौजूद बोतल से खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया और माचिस मार ली। आग लगते ही वह दर्द से चीखती हुई सीधे कोतवाली इंस्पेक्टर अमर सिंह राठौड़ के चैंबर की तरफ भागी। कमरे में उसके इधर-उधर भागने के कारण चैंबर के पर्दों में भी आग लग गई, जिससे कोतवाली में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हालत बेहद नाजुक, उच्चाधिकारियों ने संभाला मोर्चा
पुलिस ने आनन-फानन में आग बुझाकर पीड़िता को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसकी अत्यंत गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है। चिकित्सकों के अनुसार महिला करीब 70 प्रतिशत तक झुलस चुकी है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। घटना की भयावहता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी रात में ही मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम का जायजा लिया।
मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक को सौंपी गई
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पुलिस अपनी कानूनी कार्रवाई कर चुकी है, लेकिन उसे उच्च न्यायालय से गिरफ्तारी पर अंतरिम राहत मिली हुई थी। बहरहाल, कोतवाली परिसर के भीतर हुई इस अप्रत्याशित और गंभीर घटना को देखते हुए पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) को सौंप दी गई है। इस घटना के बाद से पुलिस महकमे में हड़कंप है और मामले के सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जा रही है।