उत्तराखंड डेस्क रिपोर्ट – उत्तराखंड में आगामी वर्ष 2027 में होने जा रहे विधानसभा चुनावों की रणभेरी बज चुकी है. इसी के चलते वर्तमान समय यानी की चल रहे चुनावी वर्ष में लगातार राजनीतिक दलों के शीर्ष नेताओं का दौरा देवभूमि की पावन धरा पर हो रहा है. चुनाव भले ही अभी दूर हो लेकिन तमाम राजनीतिक दलों की अपनी-अपनी व्यापक तैयारियां अभी से शुरु हो गई है, और यही कारण है कि प्रदेश के बढ़ते तापमान के बीच सियासती गलियारों में भी तापमान चरम पर है जिसके कारण आने वाले चुनाव और भी ज्यादा दिलचस्प प्रतीत हो रहे हैं. इसी क्रम में चुनावी तैयारियों के चलते राजनीतिक दलों के शीर्ष नेता अपना अपना नेतृत्व व मार्गदर्शन देते हुए भी नज़र आ रहे हैं. और मुख्य रूप से इन दिनों प्रदेश की राजनीति में भाजपा और कांग्रेस काफी डटकर जद्दोजहद करते दिखाई दे रहे है, बीते दिनों जहाँ भाजपा की ओर से राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का तीन दिवसीय प्रदेश दौरा रहा, वहीं आज से दो दिवसीय दौरे पर कांग्रेस पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का दौरा शुरू हो गया है. एक ओर जहाँ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने अपने प्रदेश दौरे के दौरान संगठन को और अधिक मजबूत करने और चुनावों में कमज़ोर रही सीटों पर विजय होने का मूल मंत्र भाजपा के कार्यकर्ताओं को दिया, वहीं कांग्रेस पार्टी के युवराज ने भी आज मिशन 2027 में जीतने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आह्वान किया साथ ही आगामी चुनावों के लिए कांग्रेस की ओर से बिगुल फूंकने का काम किया. राहुल गांधी ने अल्मोड़ा में जनसभा को सम्बोधित करते हुए वर्तमान की सत्ताधारी सरकार की कमियों को गिनवाने का काम किया, साथ ही पौड़ी जिले में पूर्व सैनिकों के साथ संवाद भी किया, जिसके चलते प्रदेश कांग्रेस का मानना है कि अब तक जनता के मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रही कांग्रेस के लिए राहुल गांधी का यह दो दिवसीय प्रदेश दौरा जनता की आवाज़ को और अधिक मजबूती देगा वहीं 2027 विधानसभा चुनावों में सकरात्मक परिणाम भी लेकर आएगा. तो वहीं भाजपा भी अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के दौरे से खुद को मजबूती की दिशा में और उत्साहपूर्ण तरीके से देख रही है, और दूसरी ओर राहुल गांधी के दौरे पर तंज भी कस्ती हुई दिखाई दे रही है. भाजपा का मानना है कि चुनावी वर्ष में शीर्ष नेताओं का दौरा होना जरूरी है लेकिन कांग्रेस पार्टी के युवराज राहुल गांधी के प्रदेश दौरे से कोई फर्क प्रदेश की जनता के बीच नहीं पड़ने वाला है. कुलमिलाकर राहुल गांधी का आज प्रदेश में पहले दिन का दौरा है, कांग्रेस पार्टी कई उम्मीदों से उनके इस दौरे को देख रही है, वहीं भाजपा की भी अपनी प्रतिक्रिया राहुल गांधी के दौरे को लेकर देती हुई नज़र आ रही है, जिससे एक और नई बहस दोनों दलों के बीच देखने को मिल रही है.
उत्तराखंड में आगामी 2027 विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई है. इसी कड़ी में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी गुरुवार यानी आज उत्तराखंड दौरे पर अल्मोड़ा ख़राब मौसम के कारण नहीं पहुंच पाए. जिस पर राहुल ने आम जनता को अपने फोन के माध्यम से सम्बोधित किया। अल्मोड़ा में राहुल गांधी को सिमकनी मैदान में प्रस्तावित जनसभा को संबोधित करना था. जहां राहुल गांधी के दौरे की तैयारियां पूरी की गई थी. रैली स्थल पर मंच निर्माण, बैठक व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंध और अन्य आवश्यक तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया था. कांग्रेस संगठन ने जनसभा को ऐतिहासिक बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी. लेकिन ख़राब मौसम के चलते कार्यक्रम में खनन पड़ गया लेकिन अल्मोड़ा रैली के दौरान राहुल दूरभाष के माध्यम से जुड़े और जनता को संबोधित करते हुए भाजपा सरकार पर जम कर बरसे जिसके बाद पौड़ी के लिए रवाना हुए और पूर्व सैनिकों से सवाद किया तो वहीं भाजपा भी राहुल की इस यात्रा पर कटक्ष करती नजर आ रही है.
उत्तराखंड कांग्रेस का मानना है, कि राहुल गांधी की रैली को लेकर प्रदेशभर के लोगों में भारी उत्साह है. बड़ी संख्या में लोग जनसभा में पहुंचने की तैयारी राहुल के आने की सूचना से पहले से कर रहे थे. कांग्रेस के अनुसार, राहुल गांधी की यह जनसभा आगामी 2027 विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस के चुनावी शंखनाद का काम करेगी. पार्टी को नई ऊर्जा प्रदान करेगी. कांग्रेस को उम्मीद है, कि यह रैली प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण प्रभाव छोड़ने वाली साबित हुई है. ऐसे में भाजपा में भी हाल ही में आए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के दौरे के बाद से संगठन में बड़े बदलाव और जल्द होने की सम्भावना है.वहीं राहुल के दौरे के बाद कांग्रेस भी फुल फॉर्म में नजर आ रही है. जल्द कांग्रेस प्रदेश पार्टी में भी चुनाव को देखते हुए कई बदलाव होने की पूर्ण सम्भवता है. ऐसे में देखना होगा कि शीर्ष नेताओं के दौरे और अपने अपने संगठन में किए जा रहे बदलाव के बाद क्या आगामी चुनाव में भी सत्ता बदलाव देखने को भविष्य में मिलेगा क्या जनता भी इनकी बातों को समझ कर अगली सरकार का चयन करने में सही निर्णय ले पायेगी ऐसे कई सवाल हैं. जिसका आने वाले समय पर ही जवाब मिल पायेगा।