Knews Desk-गाजीपुर में नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म और हत्या की दर्दनाक घटना ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। इस मामले को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने प्रदेश में कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए सरकार की कार्यशैली पर सीधा निशाना साधा है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गाजीपुर में विश्वकर्मा समाज की एक नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई, जो बेहद निंदनीय और शर्मनाक है। उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के बजाय दबाव बनाने और एफआईआर दर्ज कराने से रोकने की कोशिश की गई।

कांग्रेस नेता ने इस घटना को केवल एक अलग मामला नहीं बताया, बल्कि इसे एक पैटर्न करार दिया। उन्होंने कहा कि इससे पहले हाथरस, उन्नाव, कठुआ और मणिपुर जैसी घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं, जहां महिलाओं के खिलाफ जघन्य अपराध हुए और पीड़ितों को न्याय के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ा। राहुल गांधी के अनुसार, यह घटनाएं यह दर्शाती हैं कि देश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर स्थिति बनी हुई है। उन्होंने आगे कहा कि अक्सर ऐसे मामलों में पीड़ित परिवार दलित, पिछड़े, आदिवासी या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से होते हैं, जबकि आरोपियों को कहीं न कहीं संरक्षण मिलता दिखाई देता है। राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर भी पीड़ितों पर दबाव बनाया जाता है, जिससे न्याय प्रक्रिया प्रभावित होती है।
केंद्र और राज्य सरकार पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने उठायें सवाल
कांग्रेस नेता ने केंद्र और राज्य सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब माता-पिता को अपनी बेटी के लिए न्याय मांगने तक में कठिनाइयों का सामना करना पड़े, तो ऐसी सरकार को सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने मांग की कि इस मामले में दोषी पुलिस अधिकारियों और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, साथ ही पीड़ित परिवार को पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जाए। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से सवाल करते हुए कहा कि आखिर देश और प्रदेश में महिलाएं लगातार असुरक्षित क्यों महसूस कर रही हैं। उन्होंने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच और त्वरित न्याय की मांग की है।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी इस घटना पर सरकार को घेरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे दावे केवल दिखावा हैं और जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। प्रियंका गांधी ने कहा कि ऐसे मामलों में अक्सर पीड़ित परिवार को ही दबाव और डर का सामना करना पड़ता है, जबकि आरोपी खुलेआम घूमते नजर आते हैं। उधर, पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है। पुलिस के अनुसार, बच्ची 14-15 अप्रैल की रात लापता हुई थी और अगली सुबह उसका शव बरामद किया गया था।
यह मामला अब केवल एक आपराधिक घटना न रहकर राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है, जहां विपक्ष सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है, वहीं प्रशासन जांच और कार्रवाई का दावा कर रहा है।