KNEWS DESK- आम आदमी पार्टी (AAP) में बड़े राजनीतिक बदलाव के बाद दिल्ली और पंजाब की सियासत में हलचल तेज हो गई है। पार्टी के कई राज्यसभा सांसदों के बीजेपी में शामिल होने के बाद सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
राघव चड्डा के नेतृत्व में AAP के सात राज्यसभा सांसदों के पार्टी छोड़ने की खबर ने राजनीतिक गलियारों में सनसनी फैला दी है। इन सांसदों में अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, विक्रम साहनी, स्वाति मालीवाल और राजेंद्र गुप्ता जैसे नाम शामिल बताए जा रहे हैं।
इन घटनाक्रमों के बीच यह दावा भी सामने आया है कि कई सांसदों ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है, जिससे AAP की राजनीतिक स्थिति पर सवाल उठने लगे हैं।
Rekha Gupta ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए आम आदमी पार्टी और उसके संयोजक Arvind Kejriwal पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने इसे “तानाशाही पर सीधा प्रहार” बताया है।
रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि AAP अपने गठन के समय क्रांति की बात करती थी, लेकिन अब पार्टी अविश्वास और टूटन की ओर बढ़ रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पार्टी में अब “आम आदमी” नहीं बचा है।
दिल्ली सीएम ने बड़ा राजनीतिक बयान देते हुए कहा कि जिस तरह दिल्ली में पिछले साल AAP सत्ता से बाहर हुई, उसी तरह अब Punjab में भी उसकी सरकार की स्थिति कमजोर है। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले विधानसभा चुनाव में AAP को सत्ता से बाहर किया जा सकता है।
इन बयानों के बाद दिल्ली और पंजाब दोनों राज्यों में सियासी तापमान बढ़ गया है। एक ओर AAP इसे संगठनात्मक असंतोष बता रही है, वहीं बीजेपी इसे पार्टी के भीतर टूट का नतीजा बता रही है।
अब सभी की नजर आने वाले समय पर है, खासकर पंजाब विधानसभा चुनावों पर, जहां AAP की अगली राजनीतिक परीक्षा मानी जा रही है। पार्टी अपनी सत्ता बचा पाएगी या नहीं, यह आने वाले महीनों में साफ होगा।