डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश के कानपुर में चकेरी थाना क्षेत्र की फ्रेंड्स कॉलोनी से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। शनिवार शाम एक कांग्रेसी नेता के भाई के घर में पले तीन बेहद खूंखार रॉटविलर नस्ल के कुत्तों ने 55 वर्षीय महिला गीता पर जानलेवा हमला कर दिया। कुत्तों का हमला इतना हिंसक था कि उन्होंने महिला को घर के अंदर दबोचा और बुरी तरह नोचते व घसीटते हुए मुख्य सड़क तक ले आए। महिला की चीख-पुकार सुनकर इलाके में हड़कंप मच गया। डॉक्टरों के मुताबिक, यह ‘ग्रेड-3 डॉग बाइट’ का अत्यंत गंभीर मामला है, जिसमें महिला के पूरे शरीर पर 13 गहरे घाव हो गए हैं। लहूलुहान हालत में उन्हें हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
काम की बात करने पहुंची थीं महिला, अचानक टूट पड़े तीनों खूंखार श्वान
पीड़ित गीता (घाऊखेड़ा निवासी) अपनी एक सहपाठी के साथ शाम को कांग्रेसी नेता अजय बिग के भाई अशोक बिग के घर पर घरेलू काम और खाना बनाने के सिलसिले में बात करने पहुंची थीं। बातचीत खत्म करने के बाद वह जैसे ही घर के परिसर से बाहर निकलने लगीं, तभी वहां मौजूद तीनों रॉटविलर कुत्तों ने अचानक उन पर धावा बोल दिया। महिला को संभलने का मौका भी नहीं मिला और कुत्तों ने उनके हाथ-पैरों को अपने मजबूत जबड़ों में जकड़ लिया।
डिलीवरी बॉय और मोहल्ले के लड़कों ने बैट-विकेट से छुड़ाई जान, फटे कपड़े
जब कुत्ते महिला को सड़क पर घसीट रहे थे, तभी वहां से गुजर रहे एक जोमैटो/स्विगी डिलीवरी बॉय ने गजब की हिम्मत दिखाई। उसने तुरंत कुत्तों पर पत्थर बरसाने शुरू किए। शोर सुनकर मोहल्ले के कुछ अन्य लड़के भी क्रिकेट बैट और विकेट लेकर दौड़ पड़े। लड़कों ने भारी मशक्कत के बाद बैट से मारकर कुत्तों के जबड़ों से महिला को मुक्त कराया। चश्मदीद सीमा दीक्षित ने बताया कि कुत्तों के नोचने से महिला के कपड़े तक फट गए थे और वह खून से लथपथ तड़प रही थीं, जिसके बाद दुपट्टे से उनके शरीर को ढककर अस्पताल पहुंचाया गया। घटना की भयावहता देख गीता की बेटियां, बॉबी और तेजस्वी, मां को उसी गंभीर हालत में स्कूटी पर बैठाकर तुरंत कांशीराम अस्पताल ले गईं। वहां डॉक्टरों ने हालत बेहद चिंताजनक देखते हुए उन्हें तुरंत हैलट अस्पताल रेफर कर दिया। डॉक्टरों का कहना है कि कुत्तों ने कई मुख्य नसों को निशाना बनाया था; अगर महिला को अस्पताल लाने में 10 मिनट की भी देरी होती, तो अत्यधिक खून बहने से उनकी जान जा सकती थी।
रसूख के दम पर पहले भी खुले छोड़े जाते थे कुत्ते, 6 महीने में तीसरी वारदात
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि फ्रेंड्स कॉलोनी में इन रॉटविलर कुत्तों का लंबे समय से आतंक है। इससे पहले भी छह महीने के भीतर 5 वर्षीय मासूम बच्ची अन्नी और 11 वर्षीय बच्चे अभि को ये कुत्ते अपना शिकार बना चुके हैं। मोहल्ले वालों का कहना है कि कुत्तों के मालिक एक बेहद रसूखदार और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली परिवार से ताल्लुक रखते हैं, जिसके कारण लोग डर के मारे पुलिस में शिकायत नहीं करते थे और वे अक्सर इन खतरनाक कुत्तों को खुले में छोड़ देते थे।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस, तहरीर मिलते ही होगी सख्त कार्रवाई
इस रूह कँपा देने वाली घटना के बाद अब पूरे इलाके के नागरिकों में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से घटना के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर कुत्ते के मालिकों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। चकेरी थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि घायल महिला का इलाज प्राथमिकता के आधार पर हैलट में कराया जा रहा है और पीड़िता के परिवार की तरफ से तहरीर (शिकायत) मिलते ही जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई (विधिक कार्रवाई) की जाएगी।