डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। जालौन कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बिरिया खुर्द में एक दंपती ने अपनी 6 माह की मासूम बेटी के सामने ही मौत को गले लगा लिया। जिस प्रेम कहानी की शुरुआत बड़े अरमानों के साथ हुई थी, उसका अंत एक ही कमरे में दो फंदों और एक बिलखती मासूम की चीख के साथ हुआ। मंगलवार को जब एक ही घर से दो अर्थियां उठीं, तो पूरे गांव का कलेजा फट गया। मृतक विवेक कुमार (22) पेशे से मजदूर था, लेकिन शादी से पहले वह बुकिंग की गाड़ी चलाया करता था। इसी काम के दौरान उसकी मुलाकात गोहन गांव की साधना से हुई। पहली मुलाकात बातचीत में बदली और फिर धीरे-धीरे दोनों के बीच गहरा प्रेम हो गया। सामाजिक बंधनों और जाति की दीवारों को दरकिनार करते हुए करीब दो-तीन साल पहले दोनों ने प्रेम विवाह कर लिया। विवेक के परिवार ने तो उन्हें अपना लिया, लेकिन साधना के मायके वालों ने उससे नाता तोड़ लिया था।
सीमित संसाधन और ‘शहर’ जाने की जिद
शादी के बाद विवेक और साधना अपनी 6 माह की बेटी काव्या के साथ जीवन की गाड़ी खींच रहे थे। विवेक का परिवार मजदूरी कर जीवन यापन करता है। ग्रामीणों के अनुसार, दंपती के बीच विवाद की मुख्य वजह विवेक का बाहर जाकर काम न करना था। साधना चाहती थी कि विवेक गांव छोड़कर किसी बड़े शहर में जाकर काम करे ताकि परिवार की आर्थिक स्थिति सुधर सके और बच्ची का भविष्य बेहतर हो, लेकिन विवेक गांव में ही रहकर मजदूरी करना चाहता था। सोमवार शाम इसी बात को लेकर विवाद इतना बढ़ा कि दोनों ने आत्मघाती कदम उठा लिया।
मासूम की बिलखती पुकार ने सबको रुलाया
सोमवार की शाम जब घर के अन्य सदस्य मजदूरी और निमंत्रण में गए थे, तब विवेक और साधना ने टिनशेड वाले कमरे में फंदा लगा लिया। विवेक ने स्टॉल और साधना ने साड़ी का फंदा बनाया। इस दौरान उनकी 6 माह की बेटी काव्या वहीं फर्श पर मौजूद थी। करीब दो घंटे तक वह मासूम अपने माता-पिता के शवों के बीच भूख और प्यास से बिलखती रही। वह कभी मां के पैरों से लिपटती तो कभी पिता को पुकारती, लेकिन वहां सिर्फ खामोशी थी। जब पड़ोसियों ने बच्ची के लगातार रोने की आवाज सुनी, तो वे घर के भीतर पहुंचे। वहां का दृश्य देख लोगों के पैरों तले जमीन खिसक गई। ऊपर दो शव लटके थे और नीचे मासूम बच्ची रो-रोकर बेहाल थी।
पुलिस की जांच जारी
घटना की सूचना मिलते ही एएसपी डॉ. ईसान सोनी और क्षेत्राधिकारी शैलेंद्र बाजपेई भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शवों को नीचे उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। क्षेत्राधिकारी शैलेंद्र बाजपेई ने बताया कि शुरुआती जांच में घरेलू विवाद और शहर जाकर काम करने की बात सामने आई है, हालांकि मौत के असली कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।