डिजिटल डेस्क- रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध अब एक बेहद खतरनाक और विनाशकारी मोड़ पर पहुंच गया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने आधिकारिक तौर पर दावा किया है कि उनकी सेना ने अपनी लंबी दूरी तक मार करने वाली स्वदेशी मिसाइल से पहली बार सीधे मॉस्को क्षेत्र को निशाना बनाया है। यूक्रेनी सेना ने रूसी सीमा के भीतर करीब 500 किलोमीटर गहरे क्षेत्र में घुसकर एक रणनीतिक तेल रिफाइनरी पर यह बड़ा हमला किया। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इस बड़ी सैन्य कार्रवाई को रूस पर कूटनीतिक दबाव बढ़ाने और युद्ध को जल्द से जल्द समाप्त करने की अपनी नई रणनीति का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा बताया है।
रूस के ताबड़तोड़ हवाई हमलों का यूक्रेन ने 24 घंटे में लिया बदला
यूक्रेन का यह भीषण मिसाइल हमला असल में रूसी सेना द्वारा एक दिन पहले किए गए बड़े हवाई हमलों का सीधा और त्वरित जवाब है। गौरतलब है कि रविवार की रात को रूस ने 70 अत्याधुनिक मिसाइलों और 611 आत्मघाती ड्रोनों की मदद से पूरे यूक्रेन पर अब तक का सबसे बड़ा ताबड़तोड़ हमला किया था। इस भयानक हमले के दौरान 60 से अधिक मिसाइलें तो अकेले यूक्रेन की राजधानी कीव (Kyiv) पर दागी गई थीं। इन रूसी हमलों में यूक्रेन के 11 निर्दोष नागरिकों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि कीव में 35 लोगों समेत पूरे देश में कुल 53 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसी तबाही का प्रतिशोध लेते हुए यूक्रेन ने मॉस्को की सीमा में घुसकर सीधे उसकी अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले ऊर्जा क्षेत्र पर करारी चोट की है।
“अब मॉस्को भी देखेगा हमारी लंबी दूरी की मारक क्षमता” — राष्ट्रपति जेलेंस्की
राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस सफल सैन्य ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए अपनी सेना के जांबाज जवानों की जमकर सराहना की। उन्होंने लिखा कि इस बार मॉस्को ने भी यूक्रेन की लंबी दूरी तक मार करने वाली क्षमताओं का असली और घातक असर देख लिया है। लगभग 500 किलोमीटर दूर स्थित रूस की एक प्रमुख तेल रिफाइनरी को यूक्रेनी जवानों ने सफलतापूर्वक निशाना बनाया। उन्होंने इस प्रभावी कार्य के लिए यूक्रेन की सुरक्षा सेवा (SBU), मानवरहित सिस्टम बलों, विशेष अभियान बलों (SSO), रक्षा खुफिया विभाग (GUR) और मिसाइल बलों के जवानों का धन्यवाद किया। जेलेंस्की ने जोर देकर कहा कि रूस को हमारे लोगों के खिलाफ यह युद्ध खत्म करने के लिए हर हाल में मजबूर किया जाना चाहिए और हमारे ये लंबी दूरी के हथियार इस दबाव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
जी-7 बैठक में बोले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप: “यह पागलपन है, पुतिन को समझौता करना ही होगा”
दूसरी तरफ, फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित जी-7 (G-7) देशों की उच्च स्तरीय बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस महायुद्ध को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की और रूस पर तत्काल युद्ध समाप्त कर समझौता करने का भारी दबाव बनाया। राष्ट्रपति ट्रंप ने युद्ध के ताजा और खौफनाक आंकड़े पेश करते हुए इस पूरी स्थिति को “पागलपन” करार दिया। उन्होंने खुलासा किया कि केवल पिछले एक महीने के भीतर ही रूस और यूक्रेन, दोनों देशों के कुल मिलाकर 35,000 सैनिक मारे गए हैं। यह भयावह नुकसान हर महीने हो रहा है, जो दूसरे विश्वयुद्ध के बाद दुनिया में सबसे बड़ा सैन्य और मानवीय संकट है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने किया पुतिन से सीधी बातचीत का खुलासा, जल्द होगी दोबारा मुलाकात
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जी-7 बैठक में यह भी बताया कि उन्होंने रविवार को ही रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर लंबी बात की थी। उन्होंने स्वीकार किया कि दोनों नेताओं के बीच इस समय काफी मनमुटाव और वैचारिक मतभेद हैं, लेकिन वे जल्द ही इस मुद्दे को सुलझाने के लिए पुतिन से दोबारा व्यक्तिगत मुलाकात करने वाले हैं। ट्रंप ने कड़े शब्दों में कहा कि दोनों देश बस बिना सोचे-समझे लड़ते जा रहे हैं और अपने युवा सैनिकों को खो रहे हैं। ट्रंप ने दावा किया, “मैंने अपने राजनीतिक जीवन में अब तक आठ बड़े युद्ध सुलझाए हैं। मुझे लगा था कि इस रूस-यूक्रेन विवाद को सुलझाना सबसे आसान होगा, लेकिन दोनों पक्षों के बीच कड़वाहट बहुत गहरी है। फिर भी, हम इस युद्ध को रोकने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा रहे हैं।”