Knews Desk– उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां एक ही परिवार के 9 लोग संदिग्ध फूड पॉइज़निंग का शिकार हो गए। सभी को उल्टी-दस्त और तेज पेट दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की निगरानी में सभी मरीजों का इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, परिवार के सदस्यों ने पहले तरबूज खाया और उसके करीब एक से डेढ़ घंटे बाद मैगी का सेवन किया। इसके कुछ समय बाद ही सभी की तबीयत बिगड़ने लगी और एक-एक कर सभी को उल्टी, बुखार और कमजोरी की शिकायत होने लगी। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने तुरंत सभी को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

इस घटना में बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं। सबसे छोटे मरीज की उम्र लगभग 8 साल बताई जा रही है, जबकि सबसे बड़े सदस्य 70 वर्षीय बुजुर्ग हैं। फिलहाल एक बच्ची की हालत में सुधार होने पर उसे छुट्टी दे दी गई है, जबकि बाकी मरीजों का इलाज जारी है।
डॉक्टरों का कहना है कि यह मामला फूड पॉइज़निंग का हो सकता है, लेकिन असली वजह की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि तरबूज या पैकेट बंद खाद्य पदार्थ में किसी तरह की मिलावट या बैक्टीरिया की मौजूदगी से यह स्थिति बनी हो सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार गर्मी के मौसम में खुले या कटे हुए फल जल्दी खराब हो सकते हैं और इनमें बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ जाता है। वहीं पैकेट फूड का एक्सपायरी या गलत स्टोरेज भी फूड पॉइज़निंग का कारण बन सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे फल और खाद्य पदार्थों को साफ-सफाई के साथ और विश्वसनीय स्रोत से ही खरीदें। साथ ही किसी भी असामान्य लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। यह घटना एक बार फिर खाने-पीने की वस्तुओं की गुणवत्ता और सावधानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।