KNEWS DESK- राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना का एक बयान राजनीतिक विवाद का कारण बन गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में महाना यह कहते सुनाई दिए कि “जिसने श्रद्धाभाव से दान नहीं दिया, उनका पैसा चोरी हुआ। हमारा पैसा चोरी नहीं हुआ, हमारा पैसा मंदिर में लगा है। मंदिर का भव्य स्वरूप इसका प्रमाण है।” इस बयान के सामने आते ही विपक्ष, खासकर कांग्रेस, ने उन पर तीखा हमला बोला।
विवाद बढ़ने के बाद सतीश महाना ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उनके शब्दों का गलत अर्थ निकाला गया। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति भगवान के चरणों में श्रद्धा से दान करता है, तो वह उसे वापस पाने की अपेक्षा नहीं रखता। उन्होंने सवाल किया कि क्या किसी ने कभी दान की गई राशि वापस मांगी है? महाना ने कहा कि उन्होंने भी अपनी ओर से भगवान के चरणों में एक छोटी-सी राशि अर्पित की है और उसे वह मंदिर निर्माण का हिस्सा मानते हैं।
महाना ने यह भी कहा कि यदि मंदिर के चढ़ावे में चोरी हुई है तो यह गंभीर मामला है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार और मंदिर ट्रस्ट इस मामले में कार्रवाई कर रहे हैं तथा चाहे आरोपी किसी भी पद पर हो, उसे बख्शा नहीं जाना चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चोरी की घटना के आधार पर पूरे राम जन्मभूमि आंदोलन या उससे जुड़े संगठन पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने महाना के बयान को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस ने कहा कि अगर चढ़ावे की चोरी को श्रद्धा से जोड़कर देखा जाएगा तो यह सरकार की जिम्मेदारी से बचने की कोशिश है। पार्टी ने सवाल उठाया कि क्या अब भाजपा सरकार अपराध रोकने के बजाय लोगों की श्रद्धा का आकलन करेगी? कांग्रेस ने इसे “अजीबोगरीब तर्क” बताते हुए कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन सत्ता पक्ष जवाबदेही लेने के बजाय अलग तरह की दलीलें दे रहा है। गौरतलब है कि महाना का 14 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसके बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई। अब उनके स्पष्टीकरण के बावजूद यह मामला राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है।