शारदीय नवरात्रि के दौरान उत्तर प्रदेश के महराजगंज स्थित मां आद्रवन देवी यानी लेहड़ा देवी मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। घने जंगलों के बीच बसे इस धाम की पौराणिक मान्यताएं और अनूठी परंपराएं श्रद्धालुओं के बीच विशेष आस्था का केंद्र हैं।
Knews Desk – इन दिनों पूरे देश में शारदीय नवरात्रि की धूम है और भक्त मां की भक्ति में डूबे हुए हैं। देश-प्रदेश के शक्तिपीठों में अलग ही रौनक देखने को मिल रही है। हर दिन सुबह से ही मां के दरबार में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ता है। ऐसा ही नजारा उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले की फरेंदा तहसील स्थित मां आद्रवन देवी यानी लेहड़ा देवी के दरबार में देखने को मिल रहा है। घने जंगलों के बीच बसे इस धाम की महिमा ऐसी है कि यहां केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि भारत के कोने-कोने और पड़ोसी देश नेपाल से भी लाखों श्रद्धालु मां के दर्शन करने पहुंच रहे हैं।
मां लेहड़ा देवी मंदिर की मान्यताएं सदियों पुरानी हैं और यहां से जुड़ी कई चमत्कारी कहानियां प्रचलित हैं। मान्यता है कि हजारों साल पहले यहां एक नदी बहती थी। एक दिन मां किशोरी का रूप धारण कर वहां आईं और एक नाविक से नाव के जरिए नदी पार कराने को कहा। मां की सुंदरता से आसक्त होकर नाविक ने उनसे छेड़खानी करने की कोशिश की। इससे नाराज होकर मां ने उसी क्षण नाविक और नाव के साथ जलसमाधि ले ली। स्थानीय लोगों के मुताबिक, आज भी यहां नदी बहती है और नाव के अवशेष दिखाई देते हैं।
पांडव काल से जुड़ी है पौराणिक मान्यता
मां लेहड़ा देवी मंदिर को लेकर महाभारत काल से जुड़ी एक मान्यता भी प्रचलित है। कहा जाता है कि अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने इसी पावन स्थल पर मां भगवती की आराधना की थी। मान्यता के अनुसार, जब द्रौपदी ने अपना आंचल फैलाकर विजय का आशीर्वाद मांगा, तब मां ने पांडवों को विजयश्री का वरदान दिया था। मंदिर के मुख्य पुजारी ओम प्रकाश पांडेय बताते हैं कि जो भी भक्त यहां सच्चे मन से अपनी झोली फैलाता है, मां उसकी सभी मन्नतें पूरी करती हैं।
मां के दरबार में मन्नत मांगने पहुंचते हैं श्रद्धालु
भक्तों की हर मुराद पूरी करने वाली मां लेहड़ा देवी के मंदिर में हर रोज हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है। लोग अपनी परेशानियां लेकर मां के दरबार में पहुंचते हैं और मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना करते हैं। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित इस मंदिर में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ यहां की धार्मिक आस्था को दर्शाती है। यहां आने वाले भक्तों का मानना है कि मां लेहड़ा देवी के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई मुराद जरूर पूरी होती है।
आंचल पर नर्तकी का नृत्य है मंदिर की अनूठी परंपरा
मां लेहड़ा देवी मंदिर की एक बेहद अनूठी और प्राचीन परंपरा ‘आंचल पर नर्तकी का नृत्य’ भी है। मान्यता है कि जो भक्त यहां नर्तकी को अपने आंचल पर नचवाता है, उसकी हर मुराद पूरी होती है। इसी वजह से मंदिर परिसर में नृत्य की परंपरा लगातार चलती रहती है। इसके साथ ही यहां शादी-विवाह और मुंडन जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।
वर्तमान में भारत के कई राज्यों के अलावा नेपाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां के दर्शन करने पहुंच रहे हैं। यहां आने वाले भक्तों का कहना है कि उन्होंने मां के दरबार में जो भी अरदास लगाई, मां ने उसे जरूर पूरा किया। नवरात्रि के पावन अवसर पर लेहड़ा देवी मंदिर में उमड़ रही भीड़ इस धाम के प्रति लोगों की गहरी आस्था को दर्शाती है।