शिव शंकर सविता- उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक आम सा मजाक अचानक हिंसा में बदल गया। मामला रावतपुर थाना क्षेत्र के शारदा नगर का है, जहां खराब सड़क को लेकर की गई हल्की-फुल्की टिप्पणी ने ऐसा तूल पकड़ा कि एक युवक को अपने तीन दांत गंवाने पड़े। रविवार शाम शारदा नगर निवासी अमित सिंह रोज की तरह पास की दुकान भदौरिया जनरल स्टोर पर सामान लेने पहुंचे थे। दुकान के सामने की सड़क लंबे समय से जर्जर हालत में थी। इसी पर अमित ने दुकानदार संजय सिंह भदौरिया से मुस्कुराते हुए पूछ लिया, “क्या सड़क बन रही है?” लेकिन यह सवाल दुकानदार को इतना नागवार गुजरा कि उसने अपना आपा खो दिया।
मामूली विवाद मारपीट में बदला
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मामूली सवाल पर शुरू हुई कहासुनी कुछ ही मिनटों में गाली-गलौज में बदल गई। आरोप है कि दुकानदार संजय और उसका बेटा सौरभ इतने गुस्से में आ गए कि उन्होंने अमित को जबरन दुकान के अंदर खींच लिया। इसके बाद दोनों ने मिलकर लाठियों से उसकी बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी। हमले की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अमित के चेहरे पर गंभीर चोटें आईं और उसके तीन दांत मौके पर ही टूटकर गिर गए। दुकान के बाहर मची चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़े और किसी तरह बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।
ले भाई, सड़क बन गई… अब जा और FIR कर दे…
लेकिन इस घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू इसके बाद सामने आया। पीड़ित अमित के मुताबिक, आरोपियों ने न सिर्फ उसकी पिटाई की, बल्कि संवेदनहीनता की हद पार करते हुए उसके टूटे हुए दांत उसी के हाथ में थमा दिए। इतना ही नहीं, ताना मारते हुए कहा “ले भाई, सड़क बन गई… अब जा और FIR कर दे।” लहूलुहान हालत में अमित ने तुरंत 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस दोनों आरोपियों को थाने ले गई। जब अमित अपने हाथ में टूटे दांत लेकर थाने पहुंचा, तो वहां मौजूद पुलिसकर्मी भी यह दृश्य देखकर हैरान रह गए।
घटना का वीडियो आया सामने
घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें अमित अपने टूटे दांत दिखाते नजर आ रहा है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लोगों में आक्रोश देखने को मिला। इलाके में भी यह मामला चर्चा का केंद्र बना हुआ है। हालांकि, इस पूरे हाई-वोल्टेज ड्रामे का अंत उतना सख्त नहीं हुआ, जितनी उम्मीद की जा रही थी। पुलिस की कार्रवाई के बीच ही दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया और मामला कानूनी लड़ाई तक नहीं पहुंच पाया।