डिजिटल डेस्क- पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में सोमवार को राजनीतिक माहौल उस वक्त गरमा गया, जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के रोड शो के तुरंत बाद बीजेपी और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हो गई। यह घटना बैंकुरा मोड़ इलाके में हुई, जहां पहले मामूली कहासुनी ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। इस टकराव में दोनों पक्षों के एक-एक कार्यकर्ता घायल हो गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रोड शो खत्म होने के बाद दोनों दलों के समर्थक आमने-सामने आ गए। शुरुआत में नारेबाजी और बहस हुई, लेकिन कुछ ही देर में हालात बिगड़ गए और हाथापाई शुरू हो गई। देखते ही देखते लाठी-डंडे भी चलने लगे। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने किसी तरह स्थिति को संभालने की कोशिश की।
घायलों को कराया गया अस्पताल में भर्ती
घायलों को तुरंत दुर्गापुर सब-डिविजनल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना की जानकारी मिलते ही दुर्गापुर पश्चिम से बीजेपी उम्मीदवार लक्ष्मण चंद्र घोरुई और टीएमसी उम्मीदवार कवि दत्ता अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। हालांकि, इस दौरान भी दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच तनाव साफ तौर पर देखा गया। झड़प के बाद पूरे इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है और संवेदनशील स्थानों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और किसी भी अफवाह से दूर रहने को कहा है।
घटना के बाद शुरू हुआ आरोप-प्रत्यारोप का दौर
इस घटना के बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है। बीजेपी नेता अभिजीत दत्ता ने टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हमला करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि अमित शाह के रोड शो में उमड़ी भीड़ से घबराकर टीएमसी कार्यकर्ताओं ने सुनियोजित तरीके से हमला किया। उनके मुताबिक, 8 से 10 लोगों ने एक बीजेपी कार्यकर्ता को निशाना बनाकर लाठी-डंडों से पीटा, उसके घर में तोड़फोड़ की और परिवार के साथ भी बदसलूकी की। वहीं, बीजेपी की ओर से यह भी कहा गया कि अगर 24 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो दुर्गापुर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। पार्टी का दावा है कि बंगाल की जनता अब बदलाव चाहती है और टीएमसी के खिलाफ माहौल बन चुका है।
अमित शाह ने बोला टीएमसी पर हमला
इस पूरे घटनाक्रम से पहले, ममता बनर्जी पर भी अमित शाह ने तीखा हमला बोला था। मयूरेश्वर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री के उस बयान की आलोचना की, जिसमें महिलाओं को शाम के बाद घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई थी। शाह ने कहा कि एक महिला मुख्यमंत्री होते हुए ऐसा बयान देना दुर्भाग्यपूर्ण है और राज्य में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।