Knews Desk– दुनिया के सबसे चर्चित कारोबारियों में शामिल एलन मस्क एक बार फिर अमेरिकी राजनीति में अपने बड़े आर्थिक योगदान को लेकर चर्चा में हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मस्क ने 2025-26 के चुनाव चक्र में रिपब्लिकन पार्टी और उससे जुड़े राजनीतिक समूहों को करीब 366 मिलियन डॉलर का चंदा दिया है। भारतीय मुद्रा में यह रकम लगभग 3,500 करोड़ रुपये बैठती है। बताया गया है कि जुलाई के बाद से उन्होंने करीब 276 मिलियन डॉलर यानी लगभग 2,660 करोड़ रुपये रिपब्लिकन पार्टी को कांग्रेस में अपना बहुमत बनाए रखने में मदद करने के लिए दिए हैं।
द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, मस्क की फंडिंग से उन राज्यों में रिपब्लिकन उम्मीदवारों के प्रचार अभियान को मदद मिली है, जहां डेमोक्रेटिक पार्टी के साथ कड़ी प्रतिस्पर्धा है। अमेरिकी मिडटर्म चुनावों में प्रतिनिधि सभा और सीनेट का नियंत्रण महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इसके जरिए राष्ट्रपति के विधायी एजेंडे और सरकार की नीतियों पर असर पड़ता है। ऐसे में बड़े कारोबारियों और राजनीतिक दानदाताओं की भूमिका भी चर्चा में रहती है।मस्क का यह योगदान 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप के अभियान को दिए गए लगभग 290 मिलियन डॉलर से अधिक बताया गया है। इस फंडिंग के कारण मस्क इस चुनाव चक्र में अमेरिका के सबसे बड़े राजनीतिक दानदाताओं में शामिल हो गए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, मस्क ने रिपब्लिकन पार्टी के सीनेट लीडरशिप फंड को 158 मिलियन डॉलर का योगदान दिया। इसके अलावा, उन्होंने अमेरिका PAC को 76 मिलियन डॉलर दिए। यह राजनीतिक समूह रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार करता है और कई चुनावी क्षेत्रों में पार्टी के पक्ष में अभियान चलाता है। मस्क ने 2024 में डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन करने के लिए अमेरिका PAC की स्थापना की थी।अमेरिका PAC के प्रवक्ता एंड्रयू रोमियो के मुताबिक, इस तरह के बड़े आर्थिक योगदान से रिपब्लिकन पार्टी को अपना संदेश मतदाताओं तक पहुंचाने में मदद मिलती है। हालांकि, चुनाव में किसी पार्टी की सफलता कई कारकों पर निर्भर करती है, जिनमें उम्मीदवारों की लोकप्रियता, स्थानीय मुद्दे और मतदाताओं का रुख शामिल हैं।
मस्क की राजनीतिक सक्रियता के पीछे उनके कारोबारी हितों को लेकर भी चर्चा होती रही है। उनकी कंपनी स्पेसएक्स को अमेरिकी सरकार से बड़े कॉन्ट्रैक्ट मिलते हैं। वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के बाद उनके प्रशासन में मस्क की भूमिका को लेकर भी बहस हुई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, डेमोक्रेटिक सांसद मस्क के सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स और डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (DOGE) में उनकी भूमिका की जांच की मांग करते रहे हैं।गौरतलब है कि ट्रंप और मस्क के बीच पिछले साल गंभीर मतभेद सामने आए थे। हालांकि, बाद में दोनों के संबंध फिर बेहतर हुए। ट्रंप ने मस्क को नेशनल मेडल ऑफ साइंस से सम्मानित किया और उन्हें आज के दौर का एडिसन बताया।अब अमेरिकी मिडटर्म चुनावों में मस्क की भारी फंडिंग ने राजनीतिक चंदे और बड़े कारोबारियों के प्रभाव को लेकर बहस तेज कर दी है। आने वाले चुनावों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि रिपब्लिकन पार्टी को मिले इस आर्थिक समर्थन का चुनावी नतीजों पर कितना असर पड़ता है।