Knews Desk- मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में हुए कथित फायरिंग मामले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन पर एक युवक को गोली मारने के आरोप में दर्ज मामले में कार्रवाई की गई। पुलिस ने शालिग्राम गर्ग समेत दो आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
जानकारी के अनुसार, यह घटना छतरपुर जिले के राजनगर थाना क्षेत्र में हुई थी। विवाद के दौरान कथित रूप से फायरिंग की गई, जिसमें एक युवक घायल हो गया। घटना के बाद पीड़ित पक्ष की शिकायत और प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया। इसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई की गई।
छतरपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदित्य पतले ने बताया कि इस मामले में कुल चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इनमें तीन आरोपी नामजद हैं, जबकि एक आरोपी की पहचान नहीं हो सकी थी। जांच के दौरान पुलिस ने शालिग्राम गर्ग और अंकित मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद राजनगर न्यायालय में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने का आदेश दिया। पुलिस के अनुसार, मामले के दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं। इनमें एक नामजद और एक अज्ञात आरोपी शामिल है। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान जुटाए जा रहे साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच के दौरान पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किए जाने वाले कथित हथियार को भी जब्त कर लिया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदित्य पतले के मुताबिक, हथियार की फॉरेंसिक और तकनीकी जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना में उसी हथियार का इस्तेमाल हुआ था या नहीं, और उससे संबंधित अन्य तकनीकी तथ्यों की भी पुष्टि की जाएगी। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर की जा रही है। घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सके। अधिकारियों ने यह भी कहा कि फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं और जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
चूंकि मामला बागेश्वर धाम से जुड़े प्रमुख धार्मिक परिवार के सदस्य से संबंधित है, इसलिए इस घटनाक्रम ने क्षेत्र में व्यापक चर्चा पैदा कर दी है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई केवल उपलब्ध साक्ष्यों और दर्ज शिकायत के आधार पर की गई है। कानून के अनुसार आगे की प्रक्रिया जारी रहेगी और जांच पूरी होने के बाद ही मामले के सभी तथ्य सामने आएंगे। फिलहाल शालिग्राम गर्ग और दूसरे गिरफ्तार आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में हैं। वहीं पुलिस फरार आरोपियों की तलाश के साथ-साथ फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों का इंतजार कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।