Knews Desk- माफिया से नेता बने अतीक अहमद के परिवार को पिछले तीन वर्षों में लगातार बड़े झटके लगे हैं। अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या, बेटे असद अहमद की पुलिस मुठभेड़ में मौत और अब सबसे छोटे बेटे आबान अहमद की सड़क हादसे में जान चली गई। इस तरह तीन साल के भीतर परिवार के चार सदस्यों की मौत हो चुकी है। वहीं, अतीक के दो बेटे जेल में हैं और पत्नी शाइस्ता परवीन पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
अतीक के सबसे छोटे बेटे आबान अहमद की झांसी के पास सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि आबान अपने बड़े भाई अली अहमद से मिलने झांसी जा रहा था। इसी दौरान उसकी कार डिवाइडर से टकरा गई और हादसे में उसकी जान चली गई।
इस घटना के बाद एक बार फिर अतीक परिवार का झांसी कनेक्शन चर्चा में आ गया है। इससे पहले अतीक के बेटे असद अहमद की भी झांसी में ही पुलिस मुठभेड़ में मौत हुई थी, जबकि अली अहमद फिलहाल झांसी जिला जेल में बंद है।
अप्रैल 2023 में परिवार को लगे थे तीन बड़े झटके
अतीक अहमद के परिवार के लिए अप्रैल 2023 बेहद अहम साबित हुआ था। उमेश पाल हत्याकांड में आरोपी अतीक के बेटे असद अहमद और उसके साथी गुलाम को 13 अप्रैल 2023 को यूपी एसटीएफ ने झांसी के पास मुठभेड़ में मार गिराया था। दोनों पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था।
असद की मौत के महज दो दिन बाद, 15 अप्रैल 2023 को प्रयागराज में पुलिस हिरासत के दौरान अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। कुछ ही दिनों में अतीक परिवार ने तीन सदस्यों को खो दिया था। अब आबान की मौत के बाद यह संख्या चार हो गई है।
क्यों बार-बार चर्चा में आया झांसी?
अतीक परिवार से जुड़े घटनाक्रम में झांसी का नाम कई बार सामने आया है। असद अहमद की मुठभेड़ झांसी में हुई थी। बाद में अतीक के बेटे अली अहमद को प्रयागराज की नैनी जेल से झांसी जिला जेल भेज दिया गया। अब आबान की मौत भी झांसी जाते समय सड़क हादसे में हुई है।
झांसी की भौगोलिक स्थिति भी इसे सुरक्षा एजेंसियों के लिहाज से महत्वपूर्ण बनाती है। बुंदेलखंड का यह जिला मध्य प्रदेश की सीमा के करीब है। यहां से मध्य प्रदेश के रास्ते दूसरे राज्यों की ओर जाने के कई मार्ग मौजूद हैं। यही वजह है कि अपराधियों की तलाश में पुलिस और एसटीएफ की गतिविधियां इस इलाके में अक्सर देखने को मिलती हैं।
हालांकि, असद की मुठभेड़, अली को झांसी जेल भेजे जाने और आबान की सड़क दुर्घटना के बीच किसी तरह का सीधा संबंध सामने नहीं आया है। ऐसे में इन घटनाओं को किसी एक पैटर्न से जोड़ने का कोई पुष्ट आधार फिलहाल मौजूद नहीं है।
अपराध में था अतीक का दबदबा
अतीक अहमद का नाम लंबे समय तक उत्तर प्रदेश की राजनीति और अपराध की दुनिया में प्रभावशाली माना जाता रहा। प्रयागराज और आसपास के इलाकों में उसका बड़ा नेटवर्क था। उसके खिलाफ हत्या, अपहरण, रंगदारी समेत कई गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज हुए।
प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार आने के बाद अतीक और उसके नेटवर्क के खिलाफ प्रशासनिक और पुलिस कार्रवाई तेज हुई। उसकी कई संपत्तियों पर कार्रवाई की गई और गिरोह से जुड़े लोगों पर भी शिकंजा कसा गया। अप्रैल 2023 में अतीक और अशरफ की हत्या के बाद उसके नेटवर्क को बड़ा झटका लगा।
अब कहां हैं अतीक परिवार के बाकी सदस्य?
अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन उमेश पाल हत्याकांड के बाद से पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। उन पर पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रही है।
अतीक का बड़ा बेटा उमर अहमद जेल में बंद है, जबकि दूसरा बेटा अली अहमद झांसी जिला जेल में है। तीसरे बेटे असद अहमद की अप्रैल 2023 में पुलिस मुठभेड़ में मौत हो चुकी है। चौथा बेटा अहजम पहले बाल सुधार गृह में रहा था। वहीं, सबसे छोटे बेटे आबान की अब सड़क हादसे में मौत हो गई है।
तीन साल में पूरी तरह बदल गई परिवार की तस्वीर
एक समय अतीक अहमद का परिवार प्रयागराज में राजनीतिक और आपराधिक प्रभाव के कारण लगातार चर्चा में रहता था। लेकिन पिछले तीन वर्षों के घटनाक्रम ने परिवार की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है।
अतीक और अशरफ की हत्या, असद की मुठभेड़ में मौत, परिवार के सदस्यों का जेल जाना, शाइस्ता परवीन का पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहना और अब आबान की सड़क दुर्घटना में मौत—इन घटनाओं ने अतीक परिवार को बुरी तरह प्रभावित किया है।
तीन साल के भीतर परिवार के चार सदस्यों की मौत हो चुकी है। वहीं, अतीक का पुराना नेटवर्क भी पुलिस और प्रशासन की लगातार कार्रवाई के बाद काफी हद तक कमजोर हो चुका है।