KNEWS DESK- मध्य प्रदेश के उज्जैन में बिजली विभाग के एक असिस्टेंट इंजीनियर का जन्मदिन समारोह विवादों में आ गया है। मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (MPEB) के असिस्टेंट इंजीनियर रविकांत मालवीय का जन्मदिन जिस अंदाज में मनाया गया, उसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं। आरोप है कि रविवार, यानी छुट्टी के दिन सरकारी दफ्तर को खास तौर पर जन्मदिन समारोह के लिए खोला गया।

जानकारी के मुताबिक, इंजीनियर रविकांत मालवीय हाथी पर सवार होकर नगाड़ों की थाप के बीच सरकारी कार्यालय परिसर में पहुंचे। वहां उनके जन्मदिन का भव्य आयोजन किया गया और उन्होंने केक काटा। इस दौरान समारोह में शाही अंदाज नजर आया, जिसे लेकर सरकारी कार्यालय में निजी कार्यक्रम आयोजित किए जाने पर सवाल उठने लगे हैं।
नोटों की गड्डियों के बीच काटा केक
सामने आई तस्वीरों और वीडियो में केक के आसपास नोटों की गड्डियां रखी दिखाई दे रही हैं। हालांकि, बताया जा रहा है कि ये नोट असली नहीं बल्कि नकली थे। इसके बावजूद सरकारी कार्यालय परिसर में इस तरह का आयोजन और नोटों की गड्डियों के साथ केक काटने का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में है।
लोग सवाल उठा रहे हैं कि सरकारी दफ्तर को निजी जन्मदिन समारोह के लिए किसकी अनुमति से खोला गया और क्या इसके लिए विभागीय नियमों का पालन किया गया था।
छुट्टी के दिन सरकारी ऑफिस खोलने पर सवाल
मामले में सबसे बड़ा सवाल रविवार को सरकारी कार्यालय खोले जाने को लेकर है। यदि आयोजन के लिए अनुमति ली गई थी, तो यह अनुमति किस सक्षम अधिकारी ने दी और किस नियम के तहत सरकारी परिसर में निजी कार्यक्रम आयोजित करने की मंजूरी मिली? वहीं, यदि अनुमति नहीं ली गई थी, तो छुट्टी के दिन कार्यालय में कर्मचारियों और अन्य लोगों की मौजूदगी कैसे हुई?
यह भी जांच का विषय है कि समारोह में विभाग के कर्मचारी शामिल हुए थे या नहीं। अगर कर्मचारी मौजूद थे तो क्या वे सरकारी ड्यूटी पर थे या निजी आयोजन में हिस्सा लेने पहुंचे थे। इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेगा।
एक दिन पहले लगे थे भ्रष्टाचार के आरोप
मामला इसलिए भी ज्यादा चर्चा में है क्योंकि समारोह से ठीक एक दिन पहले असिस्टेंट इंजीनियर रविकांत मालवीय पर भ्रष्टाचार से जुड़े गंभीर आरोपों की खबरें सामने आई थीं। इसके अगले ही दिन सरकारी कार्यालय में इस तरह का भव्य जन्मदिन समारोह आयोजित होने से विभागीय कार्यप्रणाली और अधिकारी के आचरण को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
अब देखना होगा कि बिजली विभाग या संबंधित प्रशासन इस मामले का संज्ञान लेता है या नहीं और सरकारी कार्यालय में हुए इस आयोजन की जांच कर कोई कार्रवाई की जाती है या नहीं। फिलहाल वायरल वीडियो और तस्वीरों ने पूरे मामले को सुर्खियों में ला दिया है।