NEET और CBSE परीक्षा विवाद पर कांग्रेस का देशव्यापी आंदोलन, 25 जुलाई को हर जिले में कैंडल मार्च और सत्याग्रह का ऐलान

KNEWS DESK- NEET और CBSE परीक्षा से जुड़े कथित अनियमितताओं तथा प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस ने देशभर में बड़े आंदोलन का ऐलान किया है। पार्टी ने अपने सभी प्रदेश कांग्रेस कमेटियों (PCC) और जिला कांग्रेस कमेटियों (DCC) को निर्देश दिया है कि 25 जुलाई, शनिवार की शाम प्रत्येक जिले में कैंडल मार्च और सत्याग्रह आयोजित किया जाए। इस अभियान का उद्देश्य छात्रों और युवाओं के प्रति एकजुटता जताना तथा परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाना है।

कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने सभी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों को पत्र जारी कर कहा है कि यह कार्यक्रम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के निर्देश पर आयोजित किया जाएगा। उन्होंने पार्टी संगठन से जिला स्तर पर व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा है ताकि छात्रों और युवाओं के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाया जा सके।

पार्टी के निर्देश के अनुसार, कैंडल मार्च जिले के प्रमुख स्थानों से शुरू होकर महात्मा गांधी या डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा तक पहुंचेगा। इसके बाद वहीं सत्याग्रह आयोजित किया जाएगा। कांग्रेस का कहना है कि यह कार्यक्रम छात्रों के भविष्य की रक्षा, निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

कांग्रेस ने अपने सभी संगठनात्मक इकाइयों—प्रदेश, जिला और ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों, फ्रंटल संगठनों, विभागों और प्रकोष्ठों—से इस आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। पार्टी ने छात्रों, युवाओं, अभिभावकों और नागरिक समाज के लोगों से भी इस अभियान में शामिल होने का आह्वान किया है।

पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को प्रमुखता से उठाने के निर्देश दिए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने में सरकार विफल रही है और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकी। पार्टी का कहना है कि परीक्षा से जुड़े विवादों ने लाखों छात्रों और उनके परिवारों की चिंताओं को बढ़ा दिया है, जिसके लिए जवाबदेही तय होना जरूरी है।

कांग्रेस ने हाल के छात्र प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई की भी आलोचना की है। पार्टी का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ कथित बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर देशभर में कैंडल मार्च और सत्याग्रह आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि छात्रों के साथ एकजुटता का संदेश दिया जा सके।

इस बीच, पेपर लीक और परीक्षा सुधार को लेकर देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन जारी हैं। विभिन्न छात्र संगठनों और विपक्षी दलों की ओर से भी परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और जवाबदेही की मांग उठाई जा रही है। कांग्रेस का कहना है कि उसका यह अभियान छात्रों के अधिकारों और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था की मांग को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाने का प्रयास है।

25 जुलाई को प्रस्तावित यह देशव्यापी आंदोलन कांग्रेस के हालिया छात्र-केंद्रित अभियानों की कड़ी माना जा रहा है। पार्टी का दावा है कि लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित होने वाले कैंडल मार्च और सत्याग्रह के माध्यम से छात्रों की आवाज सरकार तक पहुंचाई जाएगी और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को और तेज किया जाएगा।

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