डिजिटल डेस्क- दक्षिण दिल्ली में 11 वर्षीय बच्ची के अपहरण और बेरहमी से हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस ने कैब ड्राइवर बाशु कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पूछताछ और जांच में कई बेहद सनसनीखेज और चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपी ने बताया कि वह करीब 15 दिन पहले ही बिहार से दिल्ली लौटा था और किसी लड़की से संबंध बनाने की इच्छा के चलते उसने फुटपाथ पर सो रही बच्ची को निशाना बनाया। हालांकि, आरोपी ने पूछताछ में दावा किया कि वह नपुंसकता के कारण अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सका, जिसकी प्राथमिक पुष्टि मेडिकल जांच में भी हुई है। लेकिन आरोपी के बिहार में दो बेटे होने की बात सामने आने के बाद अब यह मेडिकल गुत्थी पुलिस के लिए पहेली बन गई है।
मां-बाप के बीच सो रही बच्ची को उठाया, पिता के डंडा मारने पर भी नहीं रुका
यह खौफनाक वारदात 22 जून की तड़के मेहरौली स्थित छतरपुर मेट्रो स्टेशन के पास हुई। पीड़ित बच्ची अपने माता-पिता, भाई और आंटी के साथ फुटपाथ पर एक कतार में सो रही थी। आरोपी बाशु ने अपनी कैब को उनके बगल में पार्क किया और कुछ देर देखने के बाद बच्ची को उठाकर कार के पिछले हिस्से में डाल दिया। कार चलते ही आधी नींद में जागी बच्ची ने अपने पिता को पुकारा। पिता जागकर कार के पीछे दौड़े और उसे रोकने के लिए डंडा भी फेंका, लेकिन आरोपी तेज रफ्तार में गाड़ी भगा ले गया। आरोपी ने बच्ची को चुप रहने के लिए धमकाया और वापस घर छोड़ने का झांसा देकर फरीदाबाद-गुरुग्राम बॉर्डर के पास एक सुनसान जंगल में ले जाकर उसकी हत्या कर दी और शव को पत्थरों के नीचे छिपा दिया।
पीले रंग की नंबर प्लेट और CCTV फुटेज से खुला राज, वारदात के बाद काम पर लौटा
शुरुआत में पुलिस के पास सुराग के नाम पर सिर्फ इतना था कि वारदात में इस्तेमाल वाहन की नंबर प्लेट पीले रंग की (कमर्शियल) थी। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने रूट के दर्जनों CCTV फुटेज खंगाले और आरोपी की पहचान कर उसे धर दबोचा। पुलिस जांच में सामने आया कि मासूम की हत्या करने के बाद आरोपी गुरुग्राम स्थित अपने किराए के कमरे पर गया, कपड़े बदले और कुछ ही घंटों के भीतर सामान्य रूप से दोबारा कैब चलाने निकल गया, ताकि किसी को शक न हो। मूल रूप से बिहार के खगड़िया का रहने वाला बाशु पिछले 5 सालों से दिल्ली-NCR में रह रहा था और पहले सिक्योरिटी गार्ड का काम करता था।
बिहार में भी दर्ज हैं 5 गंभीर मामले, कैब कंपनियों को नोटिस भेजेगी पुलिस
गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने कथित रूप से पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर भागने की कोशिश की, जिसके बाद उस पर एक अलग मामला भी दर्ज किया गया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी बाशु का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और बिहार में भी उस पर हत्या के प्रयास समेत 5 संगीन मामले दर्ज हैं। दिल्ली पुलिस ने अब आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही पुलिस उन कैब एग्रीगेटर कंपनियों को भी नोटिस भेजने की तैयारी में है जिनके साथ आरोपी जुड़ा था, ताकि उसके पुलिस वेरिफिकेशन और नियुक्ति प्रक्रिया की जांच की जा सके।