2017 से मार्च 2026 तक उत्तर प्रदेश में धान खरीद के जरिए किसानों को मिला सीधा भुगतान। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कृषि क्षेत्र में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए किसान कल्याण और उनकी खुशहाली को सरकार की प्राथमिकता बताया।
Knews Desk– उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 के बाद प्रदेश के कृषि क्षेत्र में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि अन्नदाता किसान राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और समृद्धि का आधार बनने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश की डबल इंजन सरकार किसानों को बीज से लेकर बाजार तक जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, वर्ष 2017 से पहले किसान कर्ज, आर्थिक बदहाली और बिचौलियों पर निर्भरता जैसी समस्याओं से जूझते थे। अब किसानों को उन्नत बीज, सिंचाई सुविधाओं, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT), न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का लाभ मिल रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि लंबे समय से अधूरी पड़ी सिंचाई परियोजनाओं को पूरा किया गया है। उत्तर प्रदेश देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में 21 प्रतिशत योगदान दे रहा है। उन्होंने कृषि विकास दर में भी बढ़ोतरी का उल्लेख किया। उनके अनुसार, प्रदेश की कृषि विकास दर 8 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हो गई है। वहीं, दूध, गन्ना और गेहूं के उत्पादन में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर है।
धान खरीद के आंकड़ों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 से मार्च 2026 के बीच प्रदेश में 80 लाख से अधिक किसानों से 519 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा धान खरीदा गया। इसके बदले किसानों के खातों में सीधे ₹1,03,833 करोड़ से अधिक की राशि भेजी गई। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने की प्रतिबद्धता के तहत इस बार धान के समर्थन मूल्य में भी 71 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में किसानों का योगदान महत्वपूर्ण है। इसलिए किसानों के अधिकारों की रक्षा करना, उनकी आय और खुशहाली को बढ़ावा देना तथा उन्हें कृषि संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।