Knews Desk- राजस्थान का नाम सुनते ही सबसे पहले भव्य किले, शानदार महल, सुनहरे रेगिस्तान और समृद्ध राजस्थानी संस्कृति की तस्वीर मन में उभरती है। हर साल देश-विदेश से लाखों पर्यटक यहां की ऐतिहासिक धरोहरों और शाही विरासत को देखने पहुंचते हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि राजस्थान केवल इतिहास और रेगिस्तान तक ही सीमित नहीं है। मानसून के मौसम में यह राज्य अपने खूबसूरत प्राकृतिक झरनों की वजह से भी पर्यटकों को आकर्षित करता है। बारिश के बाद पहाड़ियों से गिरता पानी और चारों ओर फैली हरियाली राजस्थान का एक बिल्कुल अलग और मनमोहक रूप दिखाती है।मानसून के दौरान इन झरनों का सौंदर्य कई गुना बढ़ जाता है। पानी का तेज बहाव, ठंडी हवाएं और प्राकृतिक वातावरण प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं होता। अगर आप इस बारिश के मौसम में राजस्थान घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो किलों और महलों के साथ इन शानदार झरनों को भी अपनी ट्रैवल लिस्ट में जरूर शामिल करें।
भीमलत वॉटरफॉल, बूंदी
राजस्थान के बूंदी जिले में स्थित भीमलत वॉटरफॉल राज्य के सबसे प्रसिद्ध झरनों में गिना जाता है। करीब 60 मीटर की ऊंचाई से गिरता पानी मानसून के दौरान बेहद आकर्षक दिखाई देता है। मान्यता है कि इसका संबंध महाभारत काल से है और भीम ने यहां जल स्रोत बनाया था। चारों ओर पहाड़ और हरियाली इस जगह को पिकनिक और फोटोग्राफी के लिए बेहतरीन बनाते हैं।
मेनाल वॉटरफॉल, चित्तौड़गढ़
चित्तौड़गढ़ जिले का मेनाल वॉटरफॉल अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक महत्व दोनों के लिए जाना जाता है। यह झरना मेनाल नदी पर स्थित है और बारिश के मौसम में इसका पानी तेज रफ्तार से नीचे गिरता है। यहां मौजूद प्राचीन मंदिर और हरियाली पर्यटकों के अनुभव को और खास बना देते हैं। ट्रैकिंग और प्रकृति का आनंद लेने वालों के लिए यह जगह शानदार मानी जाती है।
दामोह वॉटरफॉल, उदयपुर
झीलों की नगरी उदयपुर के आसपास स्थित दामोह वॉटरफॉल मानसून में बेहद खूबसूरत दिखाई देता है। यहां का शांत वातावरण और प्राकृतिक नजारे शहर की भीड़भाड़ से दूर सुकून का एहसास कराते हैं। बारिश के बाद यह स्थान स्थानीय लोगों और पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय हो जाता है।
गारड़िया महादेव क्षेत्र के झरने
राजस्थान के कोटा जिले में स्थित गारड़िया महादेव अपने शानदार व्यू पॉइंट के लिए प्रसिद्ध है। मानसून के दौरान इस इलाके में कई छोटे-छोटे मौसमी झरने बहने लगते हैं, जो यहां की प्राकृतिक खूबसूरती को और बढ़ा देते हैं। चंबल नदी और आसपास की घाटियों का दृश्य देखने लायक होता है।
चूलिया वॉटरफॉल, रावतभाटा
कोटा के पास रावतभाटा क्षेत्र में स्थित चूलिया वॉटरफॉल भी मानसून में पर्यटकों की पसंदीदा जगहों में शामिल है। चंबल नदी का तेज बहाव जब चट्टानों से टकराता है तो बेहद खूबसूरत नजारा बनता है। बारिश के मौसम में यहां पानी का प्रवाह काफी बढ़ जाता है, जिससे इसकी सुंदरता और भी निखर जाती है।
यात्रा से पहले रखें इन बातों का ध्यान
मानसून के दौरान झरनों की यात्रा करते समय सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। फिसलन वाली चट्टानों पर जाने से बचें और तेज बहाव वाले पानी के करीब न जाएं। यात्रा से पहले मौसम का पूर्वानुमान और स्थानीय प्रशासन की सलाह जरूर जांच लें। आरामदायक जूते, रेनकोट और जरूरी सामान साथ रखें ताकि यात्रा सुरक्षित और सुखद रहे।अगर आप राजस्थान को सिर्फ किलों और महलों का राज्य मानते हैं, तो इस मानसून यहां के खूबसूरत झरनों को देखकर आपकी सोच बदल सकती है। प्राकृतिक सुंदरता, हरियाली और शांत वातावरण से भरपूर ये स्थान आपको राजस्थान का एक अलग और बेहद खूबसूरत रूप दिखाएंगे।