Knews Desk- भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण को लेकर चल रहे विवाद के बीच समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद एसटी हसन के बयान ने नई चर्चा छेड़ दी है। उन्होंने कहा कि कुछ मुस्लिम विद्वानों की मान्यता है कि श्रीराम और श्रीकृष्ण 1.24 लाख पैगंबरों में शामिल हो सकते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इतिहास काफी लंबा है और इस विषय पर निश्चित तौर पर कुछ कहना आसान नहीं है।
पूर्व सांसद एसटी हसन ने कहा कि श्रीराम और श्रीकृष्ण दोनों ही महान व्यक्तित्व थे, जिन्होंने मानवता को महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कई मुस्लिम स्कॉलर्स ऐसा मानते हैं कि दुनिया में आए पैगंबरों में श्रीराम और श्रीकृष्ण भी शामिल हो सकते हैं।
मौलाना जर्जिस के बयान के बाद शुरू हुआ विवाद
यह पूरा विवाद उत्तर प्रदेश के इटावा निवासी मौलाना जर्जिस अंसारी के एक कथित वीडियो के सामने आने के बाद शुरू हुआ। वीडियो में मौलाना भगवान श्रीकृष्ण को लेकर टिप्पणी करते नजर आए थे। उन्होंने दावा किया था कि श्रीकृष्ण मुस्लिम आस्था से जुड़े हुए थे और वह दिन में पांच बार प्रार्थना करते थे।
देवघर कार्यक्रम में दिया था बयान
बताया जा रहा है कि मौलाना जर्जिस अंसारी ने यह बयान 23 जून को झारखंड के देवघर में आयोजित एक सभा के दौरान दिया था। उनके बयान के सामने आने के बाद कई हिंदू संगठनों ने नाराजगी जताई और कार्रवाई की मांग की।
हिंदू महासभा ने दर्ज कराई शिकायत
मौलाना के बयान को लेकर लखनऊ में हिंदू महासभा की ओर से हजरतगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। संगठन के सदस्यों ने आरोप लगाया कि इस तरह की टिप्पणियां धार्मिक भावनाओं को आहत कर सकती हैं।
गीता के श्लोक का किया था जिक्र
मौलाना जर्जिस ने अपने बयान में श्रीमद्भगवद्गीता के छठे अध्याय के एक श्लोक का उल्लेख करते हुए कहा था कि भगवान कृष्ण ने अर्जुन को ईश्वर से जुड़ने और साधना का संदेश दिया था। उन्होंने इसी आधार पर अपनी बात रखी थी।
बयान के बाद बढ़ी राजनीतिक बहस
अब इस मामले में एसटी हसन की प्रतिक्रिया के बाद धार्मिक और राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक इस मुद्दे पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।