KNEWS DESK- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अंबेडकरनगर और सिद्धार्थनगर में जनसभाओं के दौरान समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने जहां सपा के शासनकाल को कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर घेरा, वहीं कांग्रेस और सपा पर प्रदेश के युवाओं के भविष्य को लेकर भी सवाल उठाए। योगी ने कहा कि आज प्रदेश में दंगा करने या कराने की धमकी देने वालों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करती है।
अंबेडकरनगर में मुख्यमंत्री ने सपा पर हमला बोलते हुए कहा कि पहले दंगाइयों के सामने सरकारें घुटने टेकती थीं। उन्होंने संभल का उदाहरण देते हुए दावा किया कि एक व्यक्ति ने दंगा कराने का प्रयास किया था, लेकिन सरकार ने उसके खिलाफ कार्रवाई की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा सरकार कानून-व्यवस्था के मामले में किसी तरह का समझौता नहीं करती।
‘पहले दंगाइयों को CM आवास पर बुलाते थे’
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में पिछली सरकारों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पहले दंगा करने वालों को मुख्यमंत्री आवास पर बुलाकर सम्मानित किया जाता था, जबकि अब दंगा कराने की धमकी देने वालों से सख्ती से निपटा जाता है। उन्होंने बरेली का भी जिक्र किया और दावा किया कि वहां एक व्यक्ति लगातार दंगा कराने और अव्यवस्था पैदा करने की कोशिश करता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब धमकी दी गई तो प्रशासन को लेकर चिंता जताई गई, लेकिन उन्होंने अधिकारियों से मजबूती के साथ कार्रवाई करने को कहा।
योगी ने कहा कि आज ऐसे लोगों को कानून का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने अपने संबोधन में दावा किया कि अब प्रदेश में दंगा और उपद्रव करने वालों के लिए सरकार की नीति बिल्कुल स्पष्ट है और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सिद्धार्थनगर में युवाओं को लेकर राहुल-अखिलेश पर सवाल
सिद्धार्थनगर में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को भी निशाने पर लिया। उन्होंने सवाल किया कि उत्तर प्रदेश में लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद दोनों नेताओं ने युवाओं के लिए ऐसा क्या काम किया, जिससे प्रदेश का युवा उनके साथ खड़ा हो। योगी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने देश के और समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश के युवाओं के सामने पहचान का संकट पैदा किया। उन्होंने कहा कि उग्रवाद, आतंकवाद, उपद्रव और दंगों का सबसे ज्यादा नुकसान युवाओं को उठाना पड़ता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के युवा बेहतर शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और उद्यमिता के अवसर चाहते हैं। सरकार का प्रयास है कि युवाओं को इन्हीं क्षेत्रों में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
रोजगार और स्किलिंग के आंकड़े गिनाए
अपने संबोधन के दौरान योगी आदित्यनाथ ने केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में देश में 17 करोड़ लोगों को रोजगार मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देशभर में 17 हजार से ज्यादा स्किलिंग सेंटर संचालित किए जा रहे हैं, जबकि 15 हजार से अधिक ITI में युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उनका कहना था कि युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
योगी ने स्वास्थ्य और मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में हुए विस्तार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में देश में 431 मेडिकल कॉलेज थे, जो 2025 तक बढ़कर 818 हो गए। इसी तरह उन्होंने बताया कि 2014 में देश में सात AIIMS थे, जबकि अब इनकी संख्या बढ़कर 23 हो चुकी है।
कानून-व्यवस्था को चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी
मुख्यमंत्री के दोनों संबोधनों को आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की राजनीतिक पृष्ठभूमि में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। योगी आदित्यनाथ लगातार कानून-व्यवस्था, रोजगार, युवाओं और विकास के मुद्दों पर विपक्ष को घेर रहे हैं। सपा पर हमला करते हुए उनका मुख्य जोर पिछली सरकार के कानून-व्यवस्था के रिकॉर्ड पर रहा। वहीं कांग्रेस और सपा दोनों को घेरते हुए उन्होंने युवाओं के रोजगार, शिक्षा और कौशल विकास से जुड़े सवाल उठाए।
योगी के इन बयानों के बीच उत्तर प्रदेश की राजनीति में सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। सपा और कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री के आरोपों पर प्रतिक्रिया आने के बाद राजनीतिक बहस और बढ़ सकती है। फिलहाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधनों में कानून-व्यवस्था और युवाओं के भविष्य को प्रमुख मुद्दा बनाते हुए विपक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार दंगा और उपद्रव की धमकी देने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई कर रही है और युवाओं को शिक्षा, कौशल, रोजगार तथा उद्यमिता के बेहतर अवसर देने पर काम कर रही है।