Knews Desk- झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। रांची में रविवार को सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच करीब छह घंटे तक बातचीत हुई। वार्ता में सरकार ने 14वीं JPSC प्रीलिम्स समेत तीन परीक्षाओं को रद्द करने पर सहमति जताई है। हालांकि, JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की CBI जांच की मांग पर अभी सहमति नहीं बन सकी है।
आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल देवेंद्र नाथ महतो की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल आठवें दिन भी जारी रही। वहीं उनका सत्याग्रह 16वें दिन पहुंच गया है। महतो का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों को लिखित रूप में स्वीकार नहीं करती, तब तक भूख हड़ताल खत्म नहीं की जाएगी।
सरकार और छात्रों के बीच हुई बातचीत में तीन परीक्षाओं को रद्द करने पर सहमति बनने की बात सामने आई है। इनमें JPSC बैकलॉग 2023, JPSC बैकलॉग 2025 और 14वीं JPSC प्रीलिम्स शामिल हैं। इसके अलावा TDPL एजेंसी से जुड़ी परीक्षाओं की भी जांच कराने का भरोसा दिया गया है।
सरकार ने परीक्षा से जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच ED से कराने की बात कही है। आपराधिक मामलों की जांच CID से और आर्थिक मामलों की जांच ED से कराने का प्रस्ताव है। साथ ही जांच की निगरानी के लिए रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में कमेटी बनाने की बात कही गई है।
CBI जांच और JSSC-CGL पर नहीं बनी बात
छात्र पूरे मामले की जांच CBI से कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार इसके लिए तैयार नहीं है। सरकार रिटायर्ड जज की निगरानी में जांच कराने के पक्ष में है। जांच से जुड़ी शिकायतों के लिए भी संबंधित कमेटी के सामने जाने का विकल्प दिए जाने की बात कही गई है।
वहीं JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने की मांग पर भी गतिरोध बना हुआ है। सरकार का कहना है कि यह मामला पहले ही हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है और परीक्षा के बाद कई अभ्यर्थियों की नियुक्ति भी हो चुकी है। ऐसे में परीक्षा रद्द करने का फैसला आसान नहीं है।
IIM और XISS से ली जाएगी मदद
सरकार ने JPSC और JSSC की परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए IIM और XISS जैसे संस्थानों की विशेषज्ञ मदद लेने का भरोसा दिया है। इसके अलावा मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने और जांच में विशेषज्ञ संस्थानों की राय लेने का प्रस्ताव भी सामने आया है।
10 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान
सरकार के साथ बातचीत के बावजूद छात्रों ने आंदोलन खत्म नहीं किया है। 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा घेराव का कार्यक्रम तय है। आंदोलनकारियों ने समर्थकों से बड़ी संख्या में रांची पहुंचने की अपील की है।
छात्रों ने कहा है कि विधानसभा मार्च शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा और किसी तरह की हिंसा या उपद्रव नहीं किया जाएगा। उनका कहना है कि सभी मांगें पूरी होने और लिखित आश्वासन मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।
CM हेमंत सोरेन बोले- युवाओं के साथ होगा न्याय
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित झारखंड आदिवासी महोत्सव 2026 के दौरान छात्र आंदोलन पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं की बात सुन रही है और उनके साथ न्याय किया जाएगा।
सीएम ने कहा कि युवाओं के अधिकारों के साथ कोई समझौता नहीं होगा और परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने युवाओं से किसी राजनीतिक दल के बहकावे में न आने की अपील भी की।
हेमंत सोरेन ने कहा कि युवा अपने अधिकार के लिए आंदोलन कर रहे हैं और सरकार उनकी आवाज सुनने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं को अपनी बात रखने के लिए किसी राजनीतिक दल के सहारे की जरूरत नहीं है।