Knews Desk- भारतीय जनता पार्टी में संगठनात्मक बदलाव के बाद शनिवार को नई राष्ट्रीय टीम की पहली अहम बैठक हुई। पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की अध्यक्षता में हुई बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने को लेकर चर्चा की गई।
बैठक में नेताओं से जनता के बीच सक्रियता बढ़ाने और केंद्र व राज्य सरकारों की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, चुनावी रणनीति के साथ-साथ बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के मुद्दे पर भी विचार-विमर्श हुआ।
बताया जा रहा है कि दिन में बीजेपी शासित राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों, राज्य प्रभारियों और मुख्यमंत्रियों के साथ भी बैठकें प्रस्तावित हैं। इन बैठकों में आगामी चुनावों को लेकर राज्यों की स्थिति और पार्टी की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है।
नई टीम में 65 सदस्य, 51 नए चेहरे
बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम में कुल 65 सदस्य शामिल किए गए हैं, जिनमें 51 नए चेहरे हैं। टीम में 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और 8 राष्ट्रीय महासचिव शामिल हैं। पार्टी ने संगठन में महिलाओं और विभिन्न सामाजिक वर्गों को भी प्रतिनिधित्व दिया है।
नई जिम्मेदारियों में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है। बीएल संतोष को राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) के पद पर बरकरार रखा गया है। विनोद तावड़े और सुनील बंसल भी महासचिव की भूमिका में बने रहेंगे।
संगठन में कई बड़े बदलाव
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को बीजेपी का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं पार्टी के आईटी विभाग में भी बदलाव किया गया है। अमित मालवीय की जगह छत्तीसगढ़ के दीपक म्हास्के को आईटी विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसके अलावा गुजरात के हेमांग जोशी को युवा मोर्चा अध्यक्ष बनाया गया है। वह लोकसभा सांसद तेजस्वी सूर्या की जगह यह जिम्मेदारी संभालेंगे।
नई राष्ट्रीय टीम में 12 महिला नेताओं और अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े 6 नेताओं को भी शामिल किया गया है। ऐसे में माना जा रहा है कि बीजेपी ने संगठन में नए चेहरों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ आगामी चुनावों के लिए सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश की है।
नई टीम की पहली बैठक को आने वाले विधानसभा चुनावों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। अब पार्टी का फोकस संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने और सरकार के कामकाज को जनता तक पहुंचाने पर रहने की उम्मीद है।