KNEWS DESK– केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार को पश्चिम बर्धमान के कुलटी में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य में माफिया, सिंडिकेट और गुंडाराज हावी है, जिसे खत्म करने के लिए बदलाव जरूरी है।

अमित शाह ने भरोसा जताया कि इस बार भारतीय जनता पार्टी बंगाल में सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के बाद राज्य को घुसपैठियों से मुक्त किया जाएगा और समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस कानून के जरिए बहुविवाह पर रोक लगेगी। रैली के दौरान उन्होंने रोजगार का मुद्दा भी उठाया और कहा कि बीजेपी सरकार बनने पर युवाओं को हर साल योग्यता के आधार पर एक लाख नौकरियां दी जाएंगी। साथ ही राज्य की औद्योगिक पहचान को फिर से मजबूत करने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने का वादा किया। राज्य को घुसपैठियों से मुक्त कराना समय की मांग है और जनता के पास बदलाव का महत्वपूर्ण अवसर है।
युवाओं को देगें रोजगार
रोजगार के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार बनने पर युवाओं को योग्यता के आधार पर हर साल एक लाख नौकरियां दी जाएंगी। साथ ही राज्य की औद्योगिक पहचान को मजबूत करने, विशेषकर लौह अयस्क उत्पादन केंद्र के रूप में, और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने का भी आश्वासन दिया।
गोरखा वोटर और श्रमिकों पर अमित शाह के बड़े वादे
रैली के दौरान अमित शाह ने गोरखा समुदाय का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान कुछ गोरखाओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। हालांकि, उन्होंने भरोसा दिलाया कि चुनाव के बाद भारतीय जनता पार्टी सरकार बनने पर सभी योग्य गोरखाओं के नाम फिर से मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल का मुख्यमंत्री वही होगा जो राज्य में जन्मा और बंगाली भाषा बोलने वाला हो। चाय बागान श्रमिकों को लेकर भी उन्होंने कई वादे किए। अमित शाह ने कहा कि चाय बागानों में स्कूल खोले जाएंगे, श्रमिकों को उनकी जमीन का मालिकाना हक दिया जाएगा और आवास के लिए पट्टे उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा, दो वर्षों के भीतर उनकी मजदूरी में 500 रुपये से अधिक की बढ़ोतरी करने का भी आश्वासन दिया। उन्होंने आगे कहा कि उत्तरी बंगाल में चार नए औद्योगिक शहर विकसित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही यह भी वादा किया कि सरकारी कर्मचारियों को 45 दिनों के भीतर 7वें वेतन आयोग का लाभ सुनिश्चित किया जाएगा।