दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव 2026 की मतगणना शनिवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जारी है। शुरुआती रुझानों में ABVP के उम्मीदवारों ने प्रमुख पदों पर बढ़त बनाई है, हालांकि अलग-अलग राउंड में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। इस बार डीयू में 40.46 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था।
Knews Desk- दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ यानी DUSU चुनाव 2026 के लिए शुक्रवार को मतदान संपन्न होने के बाद शनिवार सुबह से वोटों की गिनती शुरू हुई। चुनाव में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद के लिए उम्मीदवार मैदान में हैं। मतगणना को लेकर नॉर्थ कैंपस में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
शुरुआती रुझानों में अध्यक्ष पद पर ABVP के यश डबास और NSUI के विजय शंकर मीणा के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। पहले राउंड में यश डबास 1,305 वोटों के साथ आगे थे, जबकि विजय शंकर मीणा को 1,191 वोट मिले। उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन शुरुआती दौर में आगे रहे। उन्हें 1,391 वोट मिले, जबकि ABVP के ईशू मौर्य को 865 और NSUI के वीर चतरथ को 242 वोट मिले।
सचिव पद पर ABVP की रिया छावड़ी ने शुरुआती राउंड में 909 वोट हासिल किए, जबकि NSUI की नम्रता चौधरी को 450 वोट मिले। संयुक्त सचिव पद पर ABVP के लक्ष्य राज सिंह को 938 वोट मिले, जबकि NSUI के गोपाल चौधरी को 698 और निर्दलीय विशेष यादव को 996 वोट मिले।
इस चुनाव में दिल्ली विश्वविद्यालय के 52 कॉलेजों और विभागों में मतदान केंद्र बनाए गए थे। कुल 1.51 लाख से अधिक छात्र मतदाताओं में से 40.46 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। यह मतदान प्रतिशत पिछले साल के 39.45 प्रतिशत से अधिक रहा।
मतगणना के दौरान स्ट्रांग रूम और उसके आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस बल के साथ अन्य सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती की गई है और परिसर में निगरानी बढ़ाई गई है। चुनाव के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए प्रशासन की ओर से भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
DUSU चुनाव के चार प्रमुख पदों के लिए कुल 20 उम्मीदवार मैदान में हैं। अध्यक्ष पद के लिए सात, उपाध्यक्ष के लिए पांच और सचिव व संयुक्त सचिव पद के लिए चार-चार उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। ABVP और NSUI ने सभी चार प्रमुख पदों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि AISA-SFI गठबंधन भी चुनाव मैदान में है।
वहीं, दिल्ली हाईकोर्ट ने DUSU चुनाव के नतीजों के बाद विजय जुलूस, ढोल और अन्य जश्न पर रोक लगा रखी है। चुनाव प्रचार के दौरान नियमों के उल्लंघन को लेकर भी अदालत ने संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। ऐसे में नतीजे घोषित होने के बाद कैंपस में जुलूस या बड़े स्तर पर विजय समारोह आयोजित नहीं किया जा सकेगा।
मतगणना आगे बढ़ने के साथ तस्वीर और स्पष्ट होगी। फिलहाल उपलब्ध रुझानों में ABVP और NSUI के बीच कई पदों पर मुकाबला बना हुआ है और अंतिम परिणाम की घोषणा के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि DUSU के चारों केंद्रीय पदों पर किसे जीत मिली।