उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी भाजपा ने पूर्वांचल पर विशेष फोकस किया है। क्षेत्र की 133 सीटों पर चुनावी समीकरण मजबूत करने के लिए बिहार के करीब 250 सांसदों, विधायकों और अन्य नेताओं को प्रचार अभियान में उतारने की तैयारी है। पार्टी ने बूथ स्तर तक संपर्क बढ़ाने और चुनाव प्रचार को तीन स्तरों में बांटने की रणनीति बनाई है।
Knews Desk – उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने सभी 403 सीटों पर तैयारी शुरू कर दी है। इनमें पूर्वांचल की 133 सीटें पार्टी के लिए बेहद अहम मानी जा रही हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, करीब 50 सीटें ऐसी हैं, जहां भाजपा को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। वहीं, 25 सीटों पर पार्टी 2012 से अब तक जीत दर्ज नहीं कर पाई है।
पूर्वांचल में भाजपा अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए पड़ोसी राज्य बिहार के नेताओं की मदद लेने की तैयारी कर रही है। दोनों राज्यों के बीच भौगोलिक निकटता, भाषा, सामाजिक-सांस्कृतिक संबंधों, रोजगार और शादी-विवाह जैसे मुद्दों पर समानता को इस रणनीति का आधार माना जा रहा है।
28 जिलों की 133 सीटों पर नजर
पूर्वांचल में 28 जिले और 133 विधानसभा सीटें बताई गई हैं। इनमें आजमगढ़ और अंबेडकर नगर जैसे जिले भाजपा के लिए चुनौती बने हुए हैं। जानकारी के अनुसार, आजमगढ़ में भाजपा पिछले 15 सालों से जीत दर्ज नहीं कर पाई है। वर्ष 2022 में जिले की सभी 10 सीटें समाजवादी पार्टी के खाते में गई थीं। वर्ष 2012 में भी 10 में से 9 सीटों पर सपा ने जीत हासिल की थी।
अंबेडकर नगर की तीन, गाजीपुर की तीन और जौनपुर की चार सीटों पर भी भाजपा को लंबे समय से चुनौती मिल रही है। इसके अलावा मऊ सदर, बलिया की रसड़ा, चंदौली की सकलडीहा और भदोही की ज्ञानपुर सीट भी पार्टी की रणनीति के केंद्र में हैं।
बिहार के 250 नेताओं को बूथ क्लस्टर की जिम्मेदारी
भाजपा की योजना के तहत बिहार के करीब 250 सांसद, विधायक और अन्य नेता पूर्वांचल में चुनाव प्रचार करेंगे। बिहार सरकार में मंत्री रामकृपाल यादव के मुताबिक, इन नेताओं को प्रखंड स्तर पर लोगों से संपर्क करने के लिए कहा गया है।
बिहार संगठन के नेताओं को हर मंडल में तीन से चार बूथों के क्लस्टर की जिम्मेदारी देने की तैयारी है। इन नेताओं का स्थानीय स्तर के भाजपा नेताओं के साथ समन्वय बनाकर काम करने पर जोर रहेगा।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के गोरखपुर दौरे को भी पूर्वांचल की सीटों के चुनावी समीकरण साधने की तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है।
तीन स्तरों पर चलेगा भाजपा का प्रचार अभियान
जानकारी के मुताबिक, भाजपा ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के प्रचार अभियान को तीन स्तरों में बांटा है। पहले स्तर पर प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, रक्षा मंत्री, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री जनसभाएं करेंगे। दूसरे स्तर पर केंद्रीय मंत्री और राज्य स्तर के बड़े नेता रैलियों और रोड शो के जरिए प्रचार करेंगे।
तीसरे स्तर पर अलग-अलग क्षेत्रों में दूसरे राज्यों के नेताओं को लगाया जाएगा। पूर्वांचल में बिहार, दक्षिणी उत्तर प्रदेश में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दिल्ली और हरियाणा के नेता चुनाव प्रचार करेंगे।
उत्तर प्रदेश चुनाव में बिहार के नेताओं को जिम्मेदारी देने की तैयारी पर बिहार की विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल ने तंज कसा है। राजद प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि भाजपा के नेता अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष की बांकीपुर सीट नहीं बचा पाए, तो उत्तर प्रदेश की सीटें क्या बचाएंगे।
इस तरह भाजपा पूर्वांचल में बूथ स्तर तक संगठनात्मक संपर्क मजबूत करने और बिहार के नेताओं के जरिए चुनावी अभियान को धार देने की तैयारी कर रही है।