केंद्र सरकार ने अग्निवीरों के लिए दो साल के अतिरिक्त सेवा विस्तार को मंजूरी दी है। नई व्यवस्था के तहत चार साल की सेवा पूरी करने के बाद नियमित सेना में चयनित नहीं होने वाले 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल और सेवा करने का अवसर मिलेगा।
KNEWS DESK- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों के लिए दो साल के अतिरिक्त सेवा विस्तार को मंजूरी दी है। इस फैसले के बाद चार साल का शुरुआती कार्यकाल पूरा करने वाले और नियमित सेना में शामिल नहीं हो पाने वाले 75 प्रतिशत अग्निवीरों को छह साल तक सशस्त्र बलों में सेवा देने का मौका मिलेगा। इससे अग्निवीरों को सेवा अवधि बढ़ाने के साथ नियमित सेना में भर्ती होने का एक और अवसर मिल सकेगा।
दिल्ली में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने इसे भारतीय सशस्त्र बलों और अग्निवीरों के लिए महत्वपूर्ण दिन बताया। उनके मुताबिक, अतिरिक्त दो साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद नियमित सेना में शामिल होने के इच्छुक अग्निवीरों को वस्तुनिष्ठ चयन मानदंडों के आधार पर भर्ती होने का अवसर मिलेगा।
अग्निपथ योजना की शुरुआत 14 जून 2022 को हुई थी। योजना लागू करते समय अग्निवीरों के प्रदर्शन का लगातार मूल्यांकन करने और समय-समय पर इसकी समीक्षा करने की बात कही गई थी। अब पहले बैच के अग्निवीरों का चार साल का कार्यकाल पूरा होने वाला है। बीते वर्षों में उनके प्रदर्शन के आकलन और सेना से मिले सकारात्मक फीडबैक के आधार पर कैबिनेट ने अतिरिक्त सेवा अवधि की व्यवस्था को मंजूरी दी है।
मौजूदा व्यवस्था के तहत चार साल की सेवा पूरी करने वाले अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को मेरिट, पात्रता और सेना की जरूरतों के आधार पर नियमित कैडर में शामिल किया जा सकता है। शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों को सेवा से मुक्त किया जाना था। हालांकि, नए फैसले के बाद इन अग्निवीरों को भी दो साल अतिरिक्त सेवा देने का अवसर मिलेगा। इस दौरान वे सशस्त्र बलों के साथ जुड़े रह सकेंगे और निर्धारित मानदंडों को पूरा करने पर नियमित सेना में भर्ती के लिए चयन प्रक्रिया में हिस्सा ले सकेंगे।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने अग्निवीरों के लिए दो साल के सेकेंड टूर ऑफ ड्यूटी को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि चार या छह साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद नियमित सैनिक के रूप में भर्ती होने के इच्छुक अग्निवीरों को चयन मानदंड पूरे करने पर अवसर मिलेगा। रक्षा मंत्री के अनुसार, यह निर्णय बदलते युद्ध के स्वरूप के अनुरूप भारतीय सेना को तैयार करने और सशस्त्र बलों को युवा, फिट तथा तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच का चार साल का कार्यकाल नवंबर और दिसंबर 2026 में पूरा होने वाला है। सबसे पहले नौसेना के अग्निवीर 21 नवंबर को अपनी सेवा अवधि पूरी करेंगे। इसके बाद वायुसेना के पहले बैच का कार्यकाल 21 दिसंबर और थल सेना के अग्निवीरों का कार्यकाल 31 दिसंबर को पूरा होगा।
अग्निपथ योजना के तहत थल सेना, नौसेना और वायुसेना में अग्निवीरों की भर्ती चार साल के लिए की जाती है, जिसमें प्रशिक्षण की अवधि भी शामिल होती है। चार साल पूरे होने के बाद नियमित कैडर में अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को शामिल करने का प्रावधान है। सेवा से मुक्त होने वाले अग्निवीरों को करीब 11.71 लाख रुपये का सेवा निधि पैकेज दिया जाता है। उन्हें नियमित पेंशन और ग्रेच्युटी का लाभ नहीं मिलता। अब दो साल के अतिरिक्त सेवा विस्तार की व्यवस्था से अग्निवीरों को लंबे समय तक सशस्त्र बलों के साथ काम करने और नियमित सेना में चयन का एक और अवसर मिलने का रास्ता खुला है।