मुंबई-गोवा हाईवे के काम में देरी पर गडकरी नाराज, बोले- उद्घाटन में नहीं आऊंगा, मुझे शर्म आ रही

लंबे समय से अटके मुंबई-गोवा हाईवे के निर्माण में हो रही देरी पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नाराजगी जताई है। उन्होंने ठेकेदारों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही है।

Knews desk-केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुंबई-गोवा हाईवे के निर्माण में हो रही देरी को लेकर अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को पूरा होने में इतना समय लग गया, इसे लेकर वह खुद शर्मिंदगी महसूस कर रहे हैं। गडकरी ने यह भी कहा कि वह हाईवे के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे।

गोवा के पणजी के पास पोरवोरिम में छह-लेन एलिवेटेड रोड कॉरिडोर के उद्घाटन के दौरान गडकरी ने कहा कि बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट समयसीमा के भीतर पूरे किए जाने चाहिए। उन्होंने मुंबई-गोवा हाईवे के निर्माण में लगातार हो रही देरी को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया।

उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में लापरवाही या खराब गुणवत्ता के लिए जिम्मेदार लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

गडकरी ने कहा कि वह खराब काम और परियोजनाओं में देरी के लिए जिम्मेदार कॉन्ट्रैक्टर्स और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि वह एक साल में सबसे ज्यादा ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने और अधिकारियों को निलंबित करने का रिकॉर्ड बनाना चाहते हैं।

केंद्रीय मंत्री ने साफ किया कि वह इस तरह की कार्रवाई को रोकने वाले नहीं हैं और जिम्मेदारी तय करने पर जोर दिया जाएगा।

अक्टूबर में खुद करेंगे हाईवे का निरीक्षण

नितिन गडकरी ने मुंबई-गोवा हाईवे की स्थिति का खुद जायजा लेने की भी बात कही। उन्होंने बताया कि अक्टूबर में मुंबई एयरपोर्ट पहुंचने के बाद वह सड़क मार्ग से गोवा जाएंगे। इस दौरान वह हाईवे का निरीक्षण करेंगे और यह देखने की कोशिश करेंगे कि यात्रियों के लिए सड़क पर सफर कितना सुविधाजनक हुआ है।

मुंबई-गोवा हाईवे महाराष्ट्र के तटीय कोंकण क्षेत्र से होकर गुजरता है। इस परियोजना से मुंबई और गोवा के बीच सड़क यात्रा करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इसका निर्माण लंबे समय से अलग-अलग कारणों से अटका हुआ है।

गडकरी ने अप्रैल 2015 में दावा किया था कि हाईवे का काम उसी साल जून तक पूरा कर लिया जाएगा, लेकिन निर्धारित समयसीमा में परियोजना पूरी नहीं हो सकी।

जमीन अधिग्रहण और मंजूरियों ने बढ़ाई मुश्किल

हाईवे के निर्माण में देरी के पीछे भूमि अधिग्रहण से जुड़े कानूनी विवाद, मानसून के दौरान निचले इलाकों में पानी भरने और कुछ हिस्सों में जंगल से जुड़ी मंजूरियां प्रमुख कारण रही हैं।

गडकरी ने इसी साल मार्च में बताया था कि जंगल की मंजूरी के चलते भी हाईवे के कुछ हिस्सों में काम प्रभावित हुआ। हालांकि, उनका कहना था कि इन अड़चनों को आसानी से दूर किया जा सकता था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *