डिजिटल डेस्क- पुणे की सिया गोयल के इंस्टाग्राम अकाउंट को देखकर कोई भी कह सकता था कि वह अपने मंगेतर केतन अग्रवाल से बेपनाह मोहब्बत करती है। हर रील और पोस्ट में फूल, हग्स, रोमांटिक डांस और शादी की भव्य तैयारियां दिख रही थीं। फरवरी में हुई सगाई के बाद सिया ने केक काटते हुए लिखा था कि “आखिरकार उसके दिल को अपना घर मिल गया है।” लेकिन सोशल मीडिया पर दिख रही खुशियों के पीछे एक ऐसी खौफनाक साजिश पक रही थी, जिसकी हकीकत ने पुलिस को भी सन्न कर दिया। जिसे दुनिया ‘परफेक्ट कपल’ समझ रही थी, वह दरअसल मौत का एक ऐसा जाल था जिसकी स्क्रिप्ट सिया खुद लिख रही थी। केतन महाराष्ट्र के एक बहुत बड़े बिजनेसमैन का बेटा था और दोनों परिवारों में शादी को लेकर गजब का उत्साह था। जयपुर के एक आलीशान पैलेस में 17 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट तय कर पूरी बुकिंग की जा चुकी थी। यहाँ तक कि मेहमानों को शाही अंदाज में लाने के लिए दो प्राइवेट जेट भी बुक हो चुके थे। दोनों परिवार इस आलीशान जश्न के सपने बुन रहे थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि जयपुर के उस भव्य पैलेस की जगह केतन की किस्मत में लोहगढ़ किले की 400 फीट गहरी और अंधेरी खाई लिखी है।
एयरपोर्ट से ‘पासपोर्ट’ चोरी का सस्पेंस और बाली ट्रिप का राज
केतन के पिता विशाल अग्रवाल के बयानों ने इस पूरी कहानी में एक नया और गहरा सस्पेंस ला दिया है। मर्डर से कुछ दिन पहले केतन और सिया प्री-वेडिंग फोटोशूट के लिए बाली जाने वाले थे। लेकिन जैसे ही वे मुंबई एयरपोर्ट पहुंचे, अचानक पता चला कि केतन का पासपोर्ट गायब है। पिता का संगीन आरोप है कि गाड़ी से उतरते वक्त सिया मोबाइल भूलने का नाटक करके वापस कार में गई थी और उसने ही बड़ी चालाकी से केतन का पासपोर्ट चुराया ताकि यह इंटरनेशनल ट्रिप कैंसिल हो सके।
झाड़ी, ‘साँप’ का नाटक और पहली नाकाम कोशिश
बाली ट्रिप कैंसिल होने के बाद सिया ने अपना अगला प्लान एक्टिव किया। 14 जून को वह केतन को लोहगढ़ किले पर ले गई और चोटी से धक्का दे दिया। लेकिन उस दिन केतन की किस्मत अच्छी थी, उसने गिरते-गिरते एक मजबूत झाड़ी पकड़ ली और उसकी जान बच गई। जब केतन हांफते हुए ऊपर आया, तो शातिर सिया ने अपनी साजिश छुपाने के लिए तुरंत वहां ‘साँप’ होने का झूठा शोर मचा दिया और केतन को गले लगा लिया। उसने ऐसा जताया मानो वह केतन को खाई में नहीं, बल्कि साँप से बचा रही थी। प्यार में अंधा केतन अपनी ही मंगेतर के इस खूनी खेल को भांप नहीं सका।
2,004 कॉल्स, सीक्रेट लवर और कत्ल का वो आखिरी पैंतरा
पुलिस तफ्तीश में सामने आया कि सिया इस पूरे खेल में अकेली नहीं थी। वह एक बेकरी चलाती थी जहाँ उसकी मुलाकात ड्राई फ्रूट बिजनेसमैन चेतन चौधरी से हुई थी। दोनों के बीच प्यार हुआ और चेतन को सिया की शादी मंजूर नहीं थी। इसके बाद पिछले 7 महीनों में दोनों के बीच 2,004 बार फोन पर बात हुई, यानी करीब 238 घंटे तक सिर्फ कत्ल की प्लानिंग की गई। आखिरकार 18 जून को सिया के जन्मदिन से ठीक एक दिन पहले, दोनों ने केतन को दोबारा लोहगढ़ किले पर बुलाया। चेतन हुडी पहनकर पीछे-पीछे चलता रहा और मौका मिलते ही दोनों ने मिलकर केतन को गहरी खाई में धकेल दिया। शुरुआत में सिया ने पुलिस को ‘पैर फिसलने और तेज हवा’ की झूठी कहानी सुनाई, लेकिन केतन की मौत के बाद भी उसके चेहरे पर कोई शिकन न देखकर पुलिस को शक हुआ। कड़ाई से हुई पूछताछ में जब कॉल रिकॉर्ड्स और सीसीटीवी के पन्ने खुले, तो यह पूरी साजिश शीशे की तरह साफ हो गई। अदालत ने दोनों आरोपियों को 7 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।