Mumbai News: पोस्टग्रेजुएट छात्रा हर्षदा बोराडे ने आरोप लगाया है कि गाजा के बच्चों के समर्थन में पतंग कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पुलिस उनके सांताक्रूज स्थित घर पहुंची और कई घंटे तक पूछताछ की। छात्रा ने बिना नोटिस और वारंट के तलाशी लेने का भी आरोप लगाया है।
Knews Desk मुंबई की पोस्टग्रेजुएट छात्रा हर्षदा बोराडे ने आरोप लगाया है कि फिलिस्तीन के समर्थन में आयोजित एक पतंग कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मुंबई पुलिस ने उनके घर पहुंचकर पूछताछ की। यह कार्यक्रम 15 सितंबर को बांद्रा इलाके में गाजा के बच्चों के समर्थन में आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के दो दिन बाद इसमें शामिल कुछ युवक-युवतियों से पुलिस की ओर से पूछताछ शुरू किए जाने की बात सामने आई।
हर्षदा बोराडे का दावा है कि पुलिसकर्मी बिना किसी पूर्व सूचना और आधिकारिक वारंट के सांताक्रूज स्थित उनके घर में दाखिल हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि घर और उनके निजी सामान की तलाशी ली गई और उनसे देर रात तक पूछताछ की गई। छात्रा के मुताबिक, उनकी रूम पार्टनर कार्यक्रम में शामिल नहीं थीं, इसके बावजूद उनके सामान और निजी चीजों की भी जांच की गई।
हर्षदा ने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि शुक्रवार शाम करीब 5 बजे से शनिवार सुबह 3 बजे तक कम से कम 15 पुलिसकर्मी उनके घर पर मौजूद रहे। उनका कहना है कि पुलिसकर्मियों ने कोई कानूनी नोटिस या वारंट नहीं दिखाया। छात्रा ने यह भी दावा किया कि पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में थे और उन्होंने अपनी पहचान बताने से इनकार किया।
बोराडे के अनुसार, पुलिस ने उनकी नोटबुक और डायरी की जांच की, किताबों के नाम नोट किए और उनके निजी सामान की तस्वीरें व वीडियो भी बनाए। छात्रा ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, मुंबई पुलिस ने इन आरोपों को खारिज किया है।
पुलिस उपायुक्त मोहित गर्ग ने कहा कि मामले की जांच कानून के तहत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में नहीं लिया गया है। फिलहाल छात्रा की ओर से लगाए गए आरोपों और पुलिस के पक्ष को लेकर मामला चर्चा में है।