KNEWS DESK- चना भारतीय खानपान का एक अहम हिस्सा है। सुबह के नाश्ते से लेकर सलाद, चाट और सब्जी तक कई तरह से इसे खाया जाता है। खासकर काले चने को लोग सेहत के लिए काफी फायदेमंद मानते हैं। कुछ लोग रातभर भिगोकर सुबह खाली पेट चने खाते हैं, तो वहीं कई लोग इसे उबालकर खाना पसंद करते हैं। लेकिन अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि आखिर कौन सा तरीका ज्यादा बेहतर है? भीगे हुए चने या फिर उबले हुए चने?
दरअसल, दोनों ही तरीकों से खाए जाने वाले चने शरीर को कई पोषक तत्व प्रदान करते हैं। हालांकि, दोनों के फायदे और खाने का तरीका थोड़ा अलग होता है। आइए जानते हैं चने खाने का सही तरीका और कौन सा चना किसके लिए बेहतर हो सकता है।
चने में पाए जाते हैं कई जरूरी पोषक तत्व
चना प्रोटीन, फाइबर, आयरन, पोटैशियम, मैग्नीशियम और कई जरूरी विटामिन्स का अच्छा स्रोत माना जाता है। करीब 100 ग्राम चने में लगभग 164 कैलोरी, 8 से 9 ग्राम प्रोटीन, 7 से 8 ग्राम फाइबर और कई महत्वपूर्ण मिनरल्स पाए जाते हैं। यही वजह है कि इसे वजन घटाने से लेकर शरीर की ताकत बढ़ाने तक के लिए डाइट में शामिल किया जाता है।
चना खाने के फायदे
वजन घटाने में मददगार
चने में मौजूद प्रोटीन और फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराते हैं। इससे बार-बार भूख लगने की समस्या कम होती है और अतिरिक्त कैलोरी लेने से बचाव होता है। वजन नियंत्रित करने वालों के लिए चना एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
पाचन तंत्र को रखता है बेहतर
चना फाइबर से भरपूर होता है, जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद करता है। नियमित रूप से चना खाने से कब्ज जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है और आंतों की सेहत भी अच्छी रहती है।
ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में सहायक
चने का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है। इसमें मौजूद फाइबर शरीर में शुगर के तेजी से बढ़ने को रोकने में मदद करता है। इसलिए सीमित मात्रा में चना डायबिटीज से जूझ रहे लोगों के लिए भी फायदेमंद हो सकता है।
दिल की सेहत के लिए अच्छा
चने में मौजूद फाइबर, पोटैशियम और मैग्नीशियम हार्ट हेल्थ को सपोर्ट करते हैं। इसके सेवन से कोलेस्ट्रॉल को मैनेज करने में भी मदद मिल सकती है।
शरीर को मिलती है ऊर्जा
चने में मौजूद आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने में मदद करता है। इससे शरीर में ऑक्सीजन का संचार बेहतर होता है और थकान कम महसूस हो सकती है।
भीगे हुए चने खाने के फायदे
रातभर पानी में भिगोए गए चने नरम हो जाते हैं और इन्हें पचाना आसान हो सकता है। भीगे चने में मौजूद पोषक तत्व शरीर को धीरे-धीरे ऊर्जा देने में मदद करते हैं।
सुबह के समय भीगे चने खाने से लंबे समय तक पेट भरा रहता है और दिन की शुरुआत अच्छी एनर्जी के साथ होती है। जो लोग एक्सरसाइज या शारीरिक मेहनत करते हैं, उनके लिए भीगे चने एक अच्छा स्नैक विकल्प हो सकते हैं।
उबले हुए चने क्यों हैं फायदेमंद?
उबले हुए चने उन लोगों के लिए बेहतर विकल्प हो सकते हैं जिनका पाचन तंत्र थोड़ा संवेदनशील रहता है। उबालने के बाद चने नरम हो जाते हैं और इन्हें पचाना आसान हो जाता है।
इसके अलावा उबले चनों से कई तरह की डिश बनाई जा सकती हैं, जैसे चना चाट, सलाद, सब्जी या सैंडविच। स्वाद के साथ-साथ यह शरीर को पोषण भी देते हैं।
तो रोजाना कौन से चने खाने चाहिए?
अगर आपका पाचन अच्छा है और आपको चबाकर खाने में परेशानी नहीं होती तो भीगे हुए चने सुबह के समय खा सकते हैं। वहीं, अगर पेट जल्दी खराब होता है या गैस और अपच की समस्या रहती है तो उबले हुए चने बेहतर विकल्प हो सकते हैं।
कुल मिलाकर, भीगे और उबले दोनों तरह के चने सेहत के लिए फायदेमंद हैं। आप अपनी जरूरत, पाचन क्षमता और पसंद के हिसाब से इन्हें अपनी डेली डाइट का हिस्सा बना सकते हैं। ध्यान रखें कि किसी भी चीज का अधिक सेवन करने से बचें और संतुलित मात्रा में ही चना खाएं।