KNEWS DESK- देशभर में नौतपा के साथ भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। कई शहरों में तापमान 48 से 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। ऐसे हालात में धूप में खड़ी कार किसी भट्टी से कम नहीं रह जाती। विशेषज्ञों के मुताबिक, बंद कार के अंदर का तापमान 60 डिग्री सेल्सियस से भी ज्यादा हो सकता है, जो कई सामानों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।

ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स चेतावनी दे रहे हैं कि गर्मियों में कार के अंदर छोड़ी गई कुछ आम चीजें ब्लास्ट और आग का कारण बन सकती हैं। छोटी-सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना में बदल सकती है।
कार में भूलकर भी न छोड़ें पावर बैंक और स्मार्टफोन
आजकल लोग अक्सर कार में पावर बैंक, पुराने मोबाइल फोन या चार्जिंग डिवाइस छोड़ देते हैं। लेकिन तेज गर्मी में लिथियम-आयन बैटरी तेजी से गर्म होकर फूल सकती है और उसमें ब्लास्ट का खतरा बढ़ जाता है। इससे कार में आग लग सकती है।
हैंड सैनिटाइजर और परफ्यूम भी बन सकते हैं खतरा
हैंड सैनिटाइजर में अल्कोहल होता है, जो अत्यधिक ज्वलनशील माना जाता है। तेज गर्मी में यह आग पकड़ सकता है। वहीं परफ्यूम, बॉडी स्प्रे और कार फ्रेशनर के कैन में कंप्रेस्ड गैस भरी होती है। तापमान बढ़ने पर ये फट सकते हैं और बड़ा हादसा हो सकता है।
लाइटर और प्लास्टिक की बोतल भी बन सकती है मुसीबत

कार के डैशबोर्ड पर रखा छोटा-सा लाइटर भी बड़ा खतरा बन सकता है। तेज गर्मी में इसका गैस प्रेशर बढ़ जाता है और ब्लास्ट हो सकता है। इसके अलावा पारदर्शी प्लास्टिक की पानी की बोतल भी जोखिम बढ़ा सकती है। धूप पड़ने पर यह मैग्नीफाइंग ग्लास की तरह काम करती है और कार की सीट या अन्य हिस्सों में आग लगा सकती है।
नौतपा में कार को सुरक्षित रखने के आसान टिप्स
- कार पार्क करते समय शीशों को थोड़ा खुला छोड़ दें
- विंडशील्ड पर रिफ्लेक्टिव सनशेड लगाएं
- कार में बैठते ही तुरंत AC ऑन न करें
- पहले खिड़कियां खोलकर गर्म हवा बाहर निकालें
- ज्वलनशील और इलेक्ट्रॉनिक सामान कार में छोड़ने से बचें
विशेषज्ञों का कहना है कि नौतपा के दौरान कार मालिकों को अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है। बंद कार में छोड़ी गई छोटी-सी चीज भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसलिए इस भीषण गर्मी में अपनी और अपने वाहन की सुरक्षा का खास ध्यान रखें।