राजौरी में बाढ़ का कहर: 250 से ज्यादा वाहन बहे, पुंछ में चार की मौत, कई लोग लापता

KNEWS DESK- जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राजौरी, पुंछ, अनंतनाग, उधमपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश के चलते अचानक आई बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई है। राजौरी शहर में रातभर हुई तेज बारिश के बाद हालात बेहद गंभीर हो गए। बाढ़ के तेज बहाव में सैकड़ों वाहन बह गए, कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए और रिहायशी इलाकों में पानी भरने से लोगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। वहीं पुंछ जिले के सुरनकोट क्षेत्र में आई अचानक बाढ़ में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से अधिक लोगों के लापता होने की सूचना है।

राजौरी में तड़के करीब तीन बजे अचानक जलस्तर तेजी से बढ़ गया। शहर का बेला बस स्टैंड पूरी तरह बाढ़ की चपेट में आ गया, जिससे वहां खड़े बड़ी संख्या में वाहन तेज बहाव में बह गए। स्थानीय लोगों का दावा है कि करीब 200 से 250 कारें और अन्य वाहन बाढ़ की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गए। बस स्टैंड का बड़ा हिस्सा भी पानी के तेज बहाव में बह गया और इलाके में भारी तबाही का मंजर देखने को मिला।

बाढ़ के कारण राजौरी में दो मकान पूरी तरह ढह गए, जबकि कई अन्य इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है। शहर के कई रिहायशी इलाकों में पानी घुसने से घरों में रखा सामान खराब हो गया और लोगों की वर्षों की जमा-पूंजी पलभर में बर्बाद हो गई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने 1992 के बाद पहली बार इतनी भीषण प्राकृतिक आपदा देखी है। कुछ लोगों का दावा है कि इलाके में बादल फटने जैसी स्थिति बनने के बाद अचानक बाढ़ आई। इस हादसे में एक महिला के लापता होने की भी सूचना है, जिसकी तलाश जारी है। बाढ़ के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इनमें तेज बहाव में बहती कारें, जलमग्न सड़कें और क्षतिग्रस्त इमारतें दिखाई दे रही हैं। प्रशासन ने हालांकि इन वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

बारिश का असर शहर के बाजारों पर भी पड़ा है। कई दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में पानी घुस गया, जिससे व्यापारियों को नुकसान हुआ। बाजारों और सड़कों पर जलभराव के कारण लोगों की आवाजाही प्रभावित रही। दुकानदारों को घंटों तक अपने प्रतिष्ठानों से पानी निकालने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल निकासी व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सके। इस बीच मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में बताया कि वह राजौरी और आसपास के प्रभावित इलाकों के स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा प्रशासन के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता लोगों की जान बचाना है और जिन परिवारों की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है, उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

जिला प्रशासन, पुलिस, आपदा प्रबंधन बल और राहत टीमें प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे नदियों, नालों और बाढ़ संभावित क्षेत्रों से दूर रहें तथा अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करें। प्रशासन लगातार हालात पर नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त राहत दलों को भी तैनात किया जा रहा है। मौसम विभाग ने 19 से 23 जुलाई के बीच जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। जम्मू, कठुआ, सांबा, राजौरी, डोडा, रामबन और किश्तवाड़ जिलों के लिए हाई अलर्ट जारी किया गया है। लगातार हो रही बारिश के कारण प्रदेश की प्रमुख नदियों और पहाड़ी नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे आने वाले दिनों में भी बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।

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