मुश्ताक खान के निधन पर बेटे मोहसिन ने कहा- दुखी न हों, उनके जीवन और काम को सेलिब्रेट करें

Knews Desk– मोहसिन खान ने अपने पिता को याद करते हुए एक इंटरव्यू में कहा कि यह निश्चित तौर पर दुख की घड़ी है, लेकिन उन्होंने उन सभी लोगों से एक खास अपील की है, जिन्होंने मुश्ताक खान को प्यार दिया और उनके काम को पसंद किया। मोहसिन ने कहा कि लोगों को दुखी होने के बजाय उनके पिता के जीवन को सेलिब्रेट करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुश्ताक खान भले ही अब उनके बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी यादें और उनका काम हमेशा लोगों के साथ रहेगा और उनका मनोरंजन करता रहेगा।मोहसिन ने कहा कि उनके पिता पिछले कुछ दिनों से ठीक नहीं थे। हालांकि, इससे पहले तक वह शूटिंग कर रहे थे और जल्द वापस लौटने की उम्मीद थी। लेकिन उनकी यह उम्मीद पूरी नहीं हो सकी। उन्होंने बताया कि मुश्ताक खान कैंसर से जूझ रहे थे और इस बीमारी की लड़ाई में वह टिक नहीं पाए। हालांकि, मोहसिन ने अपने पिता की जिंदगी और उनके लंबे सफर को याद करते हुए कहा कि उन्होंने जीवन की लड़ाई में बहुत लंबा सफर तय किया।

उन्होंने अपने पिता को मिले दर्शकों के प्यार के लिए भी आभार जताया। मोहसिन ने कहा कि मुश्ताक खान को लोगों ने अपने दिल में जगह दी और उनके काम को वर्षों तक पसंद किया। उन्होंने अपने पिता के प्रशंसकों का दिल से शुक्रिया अदा किया और कहा कि उनका काम आने वाले समय में भी उन्हें याद दिलाता रहेगा।मुश्ताक खान के फिल्मी करियर की शुरुआत साल 1980 में फिल्म ‘अल्बर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है’ से हुई थी। इसके बाद उन्होंने ‘सजाए मौत’, ‘कालिया’, ‘अंजुमन’, ‘मैं आजाद हूं’, ‘आखिरी गुलाम’, ‘आशिकी’, ‘साथी’, ‘सड़क’, ‘जुल्म की हुकूमत’, ‘जुनून’, ‘प्यार प्यार’, ‘आदमी’, ‘गुनाह’, ‘सर’, ‘गोपी कृष्ण’, ‘क्रांतिवीर’, ‘बंबई का बाबू’ और ‘चाहत’ जैसी फिल्मों में काम किया।

मुश्ताक खान ‘गदर: एक प्रेम कथा’, ‘मुझसे शादी करोगी’, ‘सैंडविच’, ‘रास्कल्स’, ‘शाहगिर्द’, ‘अपार्टमेंट’, ‘वेलकम बैक’, ‘गदर 2’, ‘स्त्री 2’ और ‘किस किस को प्यार करूं’ जैसी फिल्मों का भी हिस्सा रहे। फिल्मों में उन्होंने कॉमेडी के साथ-साथ विलेन और अन्य तरह के किरदार भी निभाए।टेलीविजन और वेब सीरीज की दुनिया में भी मुश्ताक खान ने अपनी अलग पहचान बनाई। वह ‘जी हॉरर शो’, ‘कुछ रंग प्यार के ऐसे भी’, ‘अदालत’, ‘टेढ़े मेढ़े सपने’, ‘देवता’, ‘हम सब एक हैं’, ‘वागले की दुनिया’ और ‘भारत एक खोज’ जैसे सीरियल्स में नजर आए। इसके अलावा उन्होंने ‘बेलन वाली बहू’, ‘नुक्कड़’ और ‘द रेलवे मैन’ जैसी सीरीज में भी काम किया।मुश्ताक खान ने अपने करीब 45 साल लंबे करियर में कई यादगार किरदार निभाए। उनके निधन के बाद उनके परिवार, फिल्म इंडस्ट्री और प्रशंसकों के बीच शोक का माहौल है। 25 सितंबर को मुंबई के यारी रोड स्थित कब्रिस्तान में जुमे की नमाज के बाद उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

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