KNEWS DESK- संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास कर प्रशासनिक सेवा में जाना लाखों युवाओं का सपना होता है, लेकिन इसे हासिल करने के लिए जिस स्तर की मेहनत, अनुशासन और धैर्य चाहिए, वह हर किसी के बस की बात नहीं। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है कशिश बख्शी की, जिन्होंने कई चुनौतियों के बावजूद अपने लक्ष्य को हासिल किया और आईएएस अधिकारी बनकर दिखाया।
हरियाणा के अंबाला की रहने वाली कशिश, Praveen Bakshi की बेटी हैं। उनके पिता भारतीय सेना में मेजर जनरल रहे हैं, जिसकी वजह से उन्हें बचपन से ही अलग-अलग शहरों में रहना पड़ा। लगातार ट्रांसफर के कारण कशिश ने अपनी स्कूली शिक्षा एक या दो नहीं, बल्कि 10 अलग-अलग स्कूलों से पूरी की।
अक्सर स्कूल बदलने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है, लेकिन कशिश ने इसे अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। उन्होंने हर नए माहौल में खुद को ढाला और पढ़ाई में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया। 10वीं में उन्होंने 10 CGPA और 12वीं में 95 प्रतिशत अंक हासिल किए। उनकी स्कूली शिक्षा का अहम हिस्सा Delhi Public School, भोपाल में पूरा हुआ।
पढ़ाई के साथ-साथ कशिश ने सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भी खुद को साबित किया। वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की मूट कोर्ट और डिबेट प्रतियोगिताओं में फाइनल तक पहुंचीं। इसके बाद उन्होंने National Law Institute University Bhopal से लॉ की डिग्री हासिल की।
यूपीएससी की तैयारी उन्होंने कॉलेज के दौरान ही शुरू कर दी थी। कशिश का मानना था कि सफलता के लिए निरंतरता सबसे जरूरी है। वह रोजाना 8 से 10 घंटे पढ़ाई करती थीं और परीक्षा के करीब आने पर यह समय और बढ़ा देती थीं। खास बात यह रही कि उन्होंने बिना किसी कोचिंग के सेल्फ-स्टडी के दम पर तैयारी की। एनसीईआरटी किताबों और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को उन्होंने अपनी तैयारी का आधार बनाया।
उनका वैकल्पिक विषय दर्शनशास्त्र था, जिसमें उन्होंने गहराई से अध्ययन किया। उनकी मेहनत का नतीजा यह रहा कि उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में UPSC Civil Services Examination 2023 में ऑल इंडिया 54वीं रैंक हासिल की और आईएएस अधिकारी बनने का सपना पूरा किया।
कशिश बख्शी की कहानी इस बात का उदाहरण है कि परिस्थितियां चाहे कैसी भी हों, अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो सफलता जरूर मिलती है।