JSSC-CGL समेत चार परीक्षाओं पर सरकार को हाई कोर्ट का झटका, रद्द करने के फैसले पर रोक

Jharkhand News: झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने के हेमंत सोरेन सरकार के फैसले को हाई कोर्ट में बड़ा झटका लगा है। झारखंड हाई कोर्ट ने JSSC-CGL और CDPO परीक्षा से जुड़ी नियुक्तियों को रद्द करने के सरकारी आदेश के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट के इस आदेश से उन अभ्यर्थियों को राहत मिली है, जिनकी नियुक्तियां सरकार के फैसले से प्रभावित होने वाली थीं।

Knews Desk- शुक्रवार को न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में JSSC-CGL, CDPO, FRO और FSO समेत भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार और संबंधित आयोग से जवाब मांगा। सरकार को 7 सितंबर तक अपना जवाब दाखिल करना होगा, जबकि याचिकाकर्ताओं को 14 सितंबर तक सरकार के जवाब पर प्रति-उत्तर दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।

दरअसल, राज्य सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर 18 अगस्त की देर रात बड़ा फैसला लिया था। सरकार ने 22 परीक्षाओं को रद्द करने, छह परीक्षाओं की प्रक्रिया को स्थगित करने और 2014 से हुई 17 अन्य भर्ती परीक्षाओं को जांच के दायरे में रखने का ऐलान किया था। इसके बाद संबंधित विभागों की ओर से आदेश और अधिसूचनाएं भी जारी की गईं।

सरकार के इस फैसले का सबसे ज्यादा असर उन अभ्यर्थियों पर पड़ा, जिन्होंने संबंधित परीक्षाएं पास करने के बाद नियुक्ति हासिल कर ली थी। कई अभ्यर्थी सरकारी विभागों में अपनी सेवाएं भी शुरू कर चुके हैं। ऐसे में नियुक्तियां रद्द करने के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिकाएं दाखिल की गईं।

सरकार से कोर्ट ने मांगा जवाब

हाई कोर्ट ने सरकार से यह बताने को कहा है कि आखिर इन परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द करने का आधार क्या है। सरकार को यह भी स्पष्ट करना होगा कि कथित अनियमितताओं की जांच में कौन-कौन से तथ्य सामने आए हैं और उन्हीं के आधार पर इतनी बड़ी संख्या में परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द करने का फैसला क्यों लिया गया।

याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ताओं ने दलील दी कि भर्ती प्रक्रिया पूरी होने और नियुक्तियां दिए जाने के बाद उन्हें इस तरह रद्द करने से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी प्रभावित होंगे। वहीं, सरकार की ओर से महाधिवक्ता रोहित राय ने अदालत के सामने अपना पक्ष रखा।

JPSC की नियुक्तियों पर भी पहले लग चुकी है रोक

इससे पहले गुरुवार को हाई कोर्ट ने JPSC की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षा के जरिए हुई नियुक्तियों को रद्द करने के सरकारी आदेश पर भी अंतरिम रोक लगा दी थी। अब JSSC-CGL और CDPO से जुड़े मामलों में भी राहत मिलने के बाद सरकार के फैसले पर कानूनी सवाल और गंभीर हो गए हैं।

अदालत ने संकेत दिया है कि बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के प्रभावित होने को देखते हुए मामले की सुनवाई तेजी से आगे बढ़ाई जाएगी। अब सभी की नजरें 15 सितंबर की अगली सुनवाई पर हैं, जहां सरकार के जवाब और याचिकाकर्ताओं के प्रति-उत्तर के बाद मामले में आगे की तस्वीर साफ हो सकती है।

फिलहाल हाई कोर्ट के अंतरिम आदेश से JSSC-CGL और CDPO से जुड़ी नियुक्तियों को रद्द करने के सरकार के फैसले पर रोक है। हालांकि, यह अंतिम फैसला नहीं है और मामले का अंतिम निर्णय आगे की सुनवाई के बाद होगा।

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