Knews Desk- टीम इंडिया के पूर्व स्टार ऑलराउंडर युवराज सिंह को उनकी पर्सनैलिटी राइट्स से जुड़े मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने संकेत दिए हैं कि युवराज सिंह के नाम, तस्वीर और पहचान का उनकी अनुमति के बिना व्यावसायिक इस्तेमाल करने वाले ऑनलाइन कंटेंट को हटाने के लिए अंतरिम आदेश जारी किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 30 नवंबर को तय की गई है।
सुनवाई के दौरान युवराज सिंह की ओर से पेश वकील ने अदालत को उन ऑनलाइन लिंक की सूची सौंपी, जिनमें उनकी पहचान का इस्तेमाल कर कथित तौर पर बिना अनुमति उत्पादों का प्रचार और बिक्री की जा रही थी। वकील ने बताया कि इनमें से दो लिंक पहले ही हटाए जा चुके हैं। इसके अलावा एक Reddit पोस्ट का भी उल्लेख किया गया, जिसमें युवराज सिंह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां और महिलाओं के प्रति कथित अभद्र भाषा के आरोप शामिल थे।
Reddit की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि संबंधित पोस्ट करीब दो साल पुरानी है और यह मामला पर्सनैलिटी राइट्स के बजाय मानहानि से जुड़ा प्रतीत होता है। इस पर युवराज सिंह के वकील ने कहा कि पुराने पोस्ट पर अब भी नए कमेंट किए जा रहे हैं, जिससे उनकी छवि प्रभावित हो रही है।
कोर्ट ने फिलहाल Reddit पोस्ट को हटाने का कोई आदेश देने से इनकार किया। जस्टिस ज्योति सिंह ने कहा कि संबंधित पोस्ट की पूरी ट्रांसक्रिप्ट रिकॉर्ड पर उपलब्ध नहीं है, इसलिए इस पहलू पर बाद में विचार किया जाएगा।
हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि जिन URL को इस मुकदमे में चुनौती दी गई है और जो नियमों का उल्लंघन करते हैं, उन्हें हटाने के निर्देश जारी किए जाएंगे। कोर्ट के अनुसार पहले संबंधित कंटेंट अपलोड करने वालों को 48 घंटे के भीतर सामग्री हटाने का मौका दिया जाएगा। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो संबंधित इंटरमीडियरी प्लेटफॉर्म को सूचना दी जाएगी, जिसके बाद उन्हें 36 घंटे के भीतर कंटेंट हटाना होगा।
दिल्ली हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि ऑनलाइन कंटेंट अपलोड करने वालों की जिम्मेदारी तय होती है और यदि भविष्य में युवराज सिंह की पर्सनैलिटी राइट्स का उल्लंघन करने वाले नए लिंक सामने आते हैं तो वे नई अर्जी दाखिल कर सकते हैं। अदालत ने मामले को नियमित वाद के रूप में दर्ज करते हुए सभी संबंधित इंटरमीडियरी को नोटिस जारी किया है और तीन सप्ताह के भीतर अनुपालन हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।