कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को सुप्रीम कोर्ट से क्लीन चिट, समन आदेश रद्द

KNEWS DESK- सुप्रीम कोर्ट ने कोयला ब्लॉक आवंटन से जुड़े चर्चित मामले में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ जारी समन आदेश को रद्द कर दिया है। अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार करते हुए मामले में उनके खिलाफ आगे की कार्यवाही समाप्त कर दी।

यह मामला यूपीए सरकार के दौरान ओडिशा के तलाबीरा-II कोल ब्लॉक के हिंडाल्को इंडस्ट्रीज को कथित अनियमित आवंटन से जुड़ा था। उस समय डॉ. मनमोहन सिंह के पास प्रधानमंत्री पद के साथ-साथ कोयला मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी था। इसी आधार पर उन्हें मामले में आरोपी बनाए जाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। वर्ष 2015 में दिल्ली की विशेष सीबीआई अदालत ने जांच एजेंसी की क्लोजर रिपोर्ट के बावजूद डॉ. मनमोहन सिंह, उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला, पूर्व कोयला सचिव पी.सी. पारख और अन्य के खिलाफ समन जारी किया था। ट्रायल कोर्ट का मानना था कि उपलब्ध साक्ष्य मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त हैं।

हालांकि, डॉ. मनमोहन सिंह ने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। उनका तर्क था कि जब सीबीआई स्वयं जांच के बाद अभियोजन योग्य साक्ष्य नहीं मिलने की बात कह चुकी है, तब ट्रायल कोर्ट द्वारा समन जारी करना न्यायसंगत नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल 2015 में ही समन पर रोक लगा दी थी, जिसके बाद उनके खिलाफ मुकदमे की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी। यह मामला करीब एक दशक तक सुप्रीम कोर्ट में लंबित रहा। दिसंबर 2024 में डॉ. मनमोहन सिंह के निधन के बाद शीर्ष अदालत ने मामले का निस्तारण करते हुए ट्रायल कोर्ट का समन आदेश रद्द कर दिया और सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ इस मामले में सभी कानूनी कार्यवाही समाप्त हो गई।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के साथ तलाबीरा-II कोल ब्लॉक आवंटन मामले में डॉ. मनमोहन सिंह के खिलाफ लंबे समय से चली आ रही कानूनी प्रक्रिया का अंत हो गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *