सौरभ हत्याकांड: दिनभर मंथन के बाद कोर्ट का फैसला, मुस्कान-साहिल दोषी करार

KNEWS DESK- मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में बुधवार को जिला अदालत ने आरोपी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को दोषी करार दिया। फैसला सुनाने से पहले जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा ने दिनभर मामले पर मंथन किया। शाम करीब 4:51 बजे वह न्यायालय में अपनी सीट पर पहुंचे और वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जेल से दोनों आरोपियों की पेशी हुई। इसके बाद करीब तीन मिनट की कार्रवाई में अदालत ने दोनों को दोषी करार दे दिया। अब सजा का ऐलान 15 दिन बाद किया जाएगा।

फैसले से पहले दिनभर रहा इंतजार

सौरभ हत्याकांड के फैसले को लेकर बुधवार सुबह से ही न्यायालय में गहमागहमी का माहौल रहा। सुबह जानकारी सामने आई कि फैसला लंच के बाद सुनाया जाएगा। इसके बाद दोपहर ढाई बजे और फिर शाम करीब साढ़े चार बजे फैसले की संभावना बताई गई। इससे यह स्पष्ट था कि मामले को लेकर अदालत में गंभीरता से विचार-विमर्श चल रहा था।

शाम करीब साढ़े चार बजे जिला कारागार से मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला की वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पेशी हुई। जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा शाम 4:51 बजे न्यायालय में पहुंचे। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए साहिल शुक्ला को आवाज सुनाई देने की बात कही और हाथ उठाने को कहा। इसके बाद मुस्कान रस्तोगी से पूछा गया कि उसे कुछ कहना है या नहीं और उसे क्या सजा मिलनी चाहिए। मुस्कान ने कहा कि उसे कुछ नहीं कहना है। इसके बाद जिला जज ने कहा कि उन्होंने जो करना था, कर दिया। फिर दोनों को दोषी करार दिया गया। पूरी कार्रवाई करीब तीन मिनट में पूरी हो गई।

समाज के लिए नजीर बनने की बात

सौरभ हत्याकांड ने न केवल मेरठ बल्कि देशभर में लोगों को झकझोर दिया था। इस मामले के बाद प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या से जुड़े कई अन्य मामले भी सामने आने की बात कही गई। सौरभ के परिजनों का कहना है कि इस मामले में आने वाला फैसला देश और समाज के लिए नजीर बनना चाहिए।

सौरभ की मां रेनू देवी और भाई बबलू ने दोनों दोषियों के लिए सख्त सजा की मांग की है। परिजनों का कहना है कि मुस्कान और साहिल को सजा-ए-मौत दी जानी चाहिए।

‘मेरे बेटे के बाद कई बेटों की हुई हत्या’

अदालत से बाहर आने के बाद सौरभ की मां रेनू देवी ने कहा कि उनके बेटे की हत्या के बाद कई महिलाओं के बेटों की हत्या हुई। उन्होंने कहा कि मुस्कान ने एक बार भी यह नहीं सोचा कि उन्होंने सौरभ को नौ महीने अपनी कोख में रखा था और उसे पढ़ा-लिखाकर बड़ा किया था।

रेनू देवी ने कहा कि उनके घर में किसी चीज की कमी नहीं थी और उनके बेटे का अच्छा वेतन था। उनके मुताबिक, शादी के बाद से ही मुस्कान सौरभ को परिवार से अलग करना चाहती थी। करीब तीन साल बाद वह सौरभ और अपनी बेटी के साथ किराये के मकान में रहने लगी थी।

सौरभ के लंदन जाने के बाद बढ़ी नजदीकी

सौरभ के भाई बबलू के मुताबिक, सौरभ के लंदन जाने के बाद मुस्कान की नजदीकी ब्रह्मपुरी की रंजनवाली गली में रहने वाले साहिल शुक्ला से हुई। बबलू ने दावा किया कि इसके बाद सौरभ परेशान रहने लगा था।

परिजनों के अनुसार, सौरभ ने मुस्कान और साहिल से अपनी जान को खतरा होने की जानकारी भी परिवार को दी थी। परिवार का कहना है कि सौरभ को इस रिश्ते को लेकर चिंता थी और उसने परिजनों से अपनी आशंका साझा की थी।

उम्रकैद से फांसी तक का प्रावधान

अदालत द्वारा मुस्कान और साहिल को दोषी करार दिए जाने के बाद अब सबकी नजरें सजा के ऐलान पर हैं। कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तरह के मामले में कानून के तहत आजीवन कारावास से लेकर फांसी तक की सजा का प्रावधान हो सकता है। हालांकि, इस मामले में सजा क्या होगी, इसका फैसला अदालत 15 दिन बाद करेगी।

वरिष्ठ अधिवक्ता हरिओम शर्मा के मुताबिक, अपराध की गंभीरता को देखते हुए फांसी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अगर फांसी की सजा नहीं होती है तो मुस्कान की छोटी बच्चियों का भविष्य और उनकी परवरिश भी एक मानवीय पहलू हो सकता है, जिस पर अदालत विचार कर सकती है।

वहीं, वरिष्ठ अधिवक्ता पवन प्रधान ने कहा कि दोनों को दोषी करार दिया जा चुका है और आजीवन कारावास की सजा हो सकती है। उन्होंने फांसी की संभावना को लेकर कहा कि मुस्कान की दो छोटी बेटियां हैं और ऐसे मामलों में उनकी परवरिश से जुड़े पहलू पर भी विचार किया जा सकता है।

जन्मदिन के वीडियो ने खड़े किए सवाल

सौरभ की हत्या से पहले परिवार के बीच सब कुछ सामान्य दिखाई देने वाला एक वीडियो भी सामने आया था। लंदन से लौटने के बाद सौरभ ने 25 फरवरी को एक रेस्टोरेंट में अपनी बेटी पीहू का जन्मदिन मनाया था। इस दौरान सौरभ, मुस्कान और उनकी बेटी साथ नजर आए थे।

वीडियो में मुस्कान सौरभ के साथ कदम से कदम मिलाकर डांस करती दिखाई दे रही थी। बेटी पीहू भी डांस में अपने माता-पिता का साथ दे रही थी। वीडियो को देखकर उस समय ऐसा नहीं लगता था कि परिवार के भीतर कोई गंभीर तनाव है। इसके बाद सामने आए घटनाक्रम ने इस पूरे मामले को और भी चर्चा में ला दिया।

अब 15 दिन बाद तय होगी सजा

अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को सौरभ हत्याकांड में दोषी करार दे दिया है। हालांकि, अभी सजा का ऐलान नहीं हुआ है। अदालत ने इसके लिए 15 दिन बाद की तारीख तय की है।

फैसले के बाद सौरभ के परिवार की नजर अब सजा पर टिकी है। परिवार दोनों दोषियों के लिए फांसी की मांग कर रहा है, जबकि कानूनी विशेषज्ञों ने मामले में उम्रकैद से लेकर फांसी तक की संभावनाओं पर अलग-अलग राय रखी है। अब अंतिम फैसला अदालत के सजा निर्धारण पर निर्भर करेगा।

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