जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में दो गैर-कश्मीरी मजदूरों की हत्या के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने हमले की टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए इसकी जांच की मांग की है। वहीं पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घटना की निंदा करते हुए मृतकों के परिवारों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है।
Knews Desk- जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में हुए आतंकी हमले को लेकर देशभर में आक्रोश है। आतंकियों ने ईंट-भट्टे पर काम करने वाले दो गैर-कश्मीरी मजदूरों को कथित तौर पर पहचान की पुष्टि करने के बाद गोली मार दी। दोनों मजदूर छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे। इस घटना के बाद घाटी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कुलगाम हमले की जांच की मांग की है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि हमले के पीछे कौन लोग हैं और इसे किसने अंजाम दिया। ऐसे में हमलावरों की पहचान के लिए गहन जांच जरूरी है।
फारूक अब्दुल्ला ने हमले की टाइमिंग पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जब जम्मू-कश्मीर को दोबारा राज्य का दर्जा देने की मांग उठती है, उसी दौरान इस तरह की घटनाएं क्यों सामने आती हैं, इसकी भी जांच होनी चाहिए। हाल ही में नेशनल कॉन्फ्रेंस ने जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था।
महबूबा मुफ्ती ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
पीडीपी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी कुलगाम हमले की जांच की मांग की है। उन्होंने अमरनाथ यात्रा के दौरान भारी सुरक्षा तैनाती का जिक्र करते हुए सवाल किया कि इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद आतंकी इस तरह की वारदात को अंजाम देने में कैसे सफल हो रहे हैं।
महबूबा मुफ्ती ने इससे पहले अनंतनाग में हुए हमले का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि उस घटना के बाद बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया था। इसके बावजूद आतंकियों द्वारा एक और हमला किए जाने को उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक बताया। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कुलगाम हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि बाहर से आए लोग अपनी रोजी-रोटी कमाने के लिए कश्मीर में काम कर रहे थे और ऐसे निर्दोष लोगों को निशाना बनाया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने मृतक मजदूरों के परिवारों के लिए 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आर्थिक मदद परिवारों के दुख को खत्म नहीं कर सकती, लेकिन मुश्किल समय में यह सरकार की ओर से सहायता का एक प्रयास है।
भाजपा ने पाकिस्तान पर साधा निशाना
जम्मू-कश्मीर भाजपा अध्यक्ष सत शर्मा ने हमले को लेकर पाकिस्तान पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में शांति और स्थिरता नहीं चाहता। उन्होंने कहा कि कश्मीर में पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों में बढ़ोतरी से पाकिस्तान परेशान है और इसी कारण अशांति फैलाने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी कुलगाम हमले की निंदा की। उन्होंने दो मजदूरों की हत्या को आतंकवाद की क्रूर मानसिकता का उदाहरण बताया।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने हमले के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि आतंकियों को इस कायराना वारदात के लिए कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए और आतंकवाद के खिलाफ पूरा देश एकजुट है। हमले की जांच में जुटी एजेंसियों ने गोलीबारी करने वाले आतंकी की पहचान किए जाने का दावा किया है। जानकारी के मुताबिक कुलगाम निवासी लतीफ इस वारदात में शामिल था। बताया जा रहा है कि उसने पाकिस्तान में मौजूद लश्कर-ए-तोएबा के हैंडलर सज्जाद जट्ट के निर्देश पर हमले को अंजाम दिया।
लतीफ को लश्कर कमांडर जाकिर गनई का सहयोगी बताया गया है। जाकिर गनई को सुरक्षाबलों ने 5 जुलाई को शोपियां में एक अभियान के दौरान मार गिराया था।
पहचान के बाद मजदूरों को मारी गई गोली
घटना कुलगाम में एक ईंट-भट्टे के पास हुई। बाइक से पहुंचे आतंकियों ने वहां काम करने वाले मजदूरों को निशाना बनाया। हमले में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे घायल मजदूर ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
दोनों मृतक छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मृतकों के परिजनों के लिए 20-20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। इस घटना के बाद सुरक्षाबलों और जांच एजेंसियों ने आतंकियों की तलाश और पूरे नेटवर्क की जांच तेज कर दी है।