बंटी हत्याकांड: शराब कारोबार से हत्या की साजिश तक, कौन है फरार आरोपी मोनी किन्नर?

Knews Desk- बिहार की राजधानी पटना में किराना कारोबारी बंटी यादव की हत्या के मामले में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं. पुलिस जांच में इस केस की कथित मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर मोनी किन्नर का नाम सामने आया है. पुलिस का दावा है कि बंटी की हत्या की योजना मोनी किन्नर ने अपने करीबी सहयोगी रवीश कुमार उर्फ बीसिया और अन्य साथियों के साथ मिलकर बनाई थी. फिलहाल रवीश समेत कई आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि मोनी किन्नर अभी भी फरार है.

पुलिस के अनुसार, मोनी किन्नर पर बिहार में अवैध शराब तस्करी का नेटवर्क संचालित करने का आरोप है. जांच एजेंसियां उसके पूरे नेटवर्क और आर्थिक गतिविधियों की पड़ताल कर रही हैं. वहीं, स्थानीय स्तर पर उसके खिलाफ देह व्यापार से जुड़े आरोप भी लगाए जा रहे हैं, हालांकि पुलिस ने अब तक इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.

बंटी यादव से क्यों हुआ विवाद?

जांच में सामने आया है कि बंटी यादव और मोनी किन्नर के बीच कथित अवैध शराब कारोबार में हिस्सेदारी को लेकर विवाद चल रहा था. पुलिस का कहना है कि मोनी को यह भी शक था कि उसकी सहयोगियों की गिरफ्तारी में बंटी ने पुलिस की मुखबिरी की थी. इसी रंजिश के चलते बंटी को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई.

ऐसे हुई थी वारदात

पुलिस के मुताबिक, 6 जुलाई की रात बंटी यादव को फोन कर महावीर मंदिर के पास बुलाया गया. वहां से उसका अपहरण कर लिया गया. कई दिनों तक परिजनों ने उसकी तलाश की और विरोध प्रदर्शन भी किए. 11 जुलाई को अथमलगोला इलाके में उसका शव बरामद हुआ.

पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि अपहरण के बाद बंटी के साथ बेरहमी से मारपीट की गई. उसकी पहचान मिटाने के लिए चेहरे और शरीर पर गंभीर चोटें पहुंचाई गईं. पुलिस के अनुसार, इस वारदात में रवीश कुमार उर्फ बीसिया समेत कई लोगों की भूमिका सामने आई है.

मोनी और रवीश का क्या था संबंध?

पुलिस जांच के अनुसार, रवीश कुमार उर्फ बीसिया मोनी किन्नर का बेहद करीबी सहयोगी था और कथित तौर पर उसके अवैध शराब कारोबार को संभालता था. जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों के बीच निजी संबंध होने की भी चर्चा है. पुलिस इसी एंगल से भी मामले की जांच कर रही है.

कैसे चलता था कथित नेटवर्क?

जांच एजेंसियों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश से शराब लाकर ट्रेन के माध्यम से बिहार पहुंचाई जाती थी. इसके बाद स्थानीय नेटवर्क के जरिए इसकी सप्लाई की जाती थी. पुलिस का दावा है कि इस पूरे कथित कारोबार के संचालन और हिस्सेदारी का जिम्मा मोनी किन्नर संभालती थी.

संपत्ति और नेटवर्क की जांच

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मोनी किन्नर के पास कितनी संपत्ति है, उसके बैंक खातों में कितना पैसा है, उसके नाम पर कितने वाहन और संपत्तियां हैं तथा उसके नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस कथित नेटवर्क के तार दूसरे जिलों या राज्यों से जुड़े थे.

अब तक क्या कार्रवाई हुई?

इस मामले में पुलिस कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें रवीश कुमार उर्फ बीसिया भी शामिल है. वहीं, मोनी किन्नर की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और आगे और भी अहम खुलासे हो सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *